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Indore Rain Update: जुलाई में देवी अहिल्या की नगरी में उम्मीद से कम हुई बारिश, अब अगस्त से आस; जानें हाल

सार

Indore Rain Update: भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश में मानसून सक्रिय है लेकिन इंदौर और निमाड़ क्षेत्र में कोई बड़ा सिस्टम नहीं बन पा रहा है। 9 अगस्त के बाद ही वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। तब तक आकाश में हल्के बादल रहेंगे और बीच-बीच में तेज धूप भी निकल सकती है।

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सांकेतिक - फोटो : Adobe Stock

इस बार इंदौर की बारिश पर मानो बादलों की बेरुखी छा गई है। मानसून तो जून में ही आ गया था, लेकिन जुलाई में आसमान से उम्मीद के मुताबिक बरसात नहीं हुई। नतीजा यह हुआ कि प्रदेश में सबसे कम बारिश इंदौर में ही दर्ज की गई। अब सावन का अंतिम सप्ताह चल रहा है और शहरवासी आस लगाए बैठे हैं कि अगस्त राहत लेकर आएगा।

बता दें कि जुलाई में इंदौर में मात्र 6.5 इंच (165.1 मिमी) बारिश हुई, जबकि औसत बारिश 12.3 इंच (312.4 मिमी) होनी चाहिए थी। यानी इस बार जुलाई में औसत से भी आधी बारिश दर्ज की गई। पूरे महीने में रिमझिम फुहारों ने ही लोगों को संतोष करना पड़ा। सामान्यतः जुलाई में बारिश के औसतन 13 दिन होते हैं (जिस दिन 2.5 मिमी या उससे अधिक बारिश होती है, उसे वर्षा दिवस माना जाता है)। पूरे मानसून सीजन में इंदौर की औसत बारिश करीब 38 इंच मानी जाती है।

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सांकेतिक - फोटो : Adobe Stock

अगस्त से उम्मीदें क्यों?
अगस्त आमतौर पर इंदौर में सबसे ज्यादा बारिश देने वाला महीना होता है। इस माह की औसत वर्षा 258.1 मिमी (10.2 इंच) है और इसमें औसतन 12 वर्षा दिवस होते हैं। वर्ष 2020 में इसी महीने रिकॉर्ड 23.8 इंच बारिश हुई थी। 22 अगस्त 2020 को तो एक दिन में ही 263.4 मिमी (10.4 इंच) वर्षा दर्ज की गई थी, जिससे शहर की निचली बस्तियों में पानी भर गया था और कई कॉलोनियां जलमग्न हो गई थीं।

पढ़ें: एमपी में खाद संकट पर विधानसभा से लेकर सड़कों तक हंगामा, किसानों ने किया हाईवे जाम

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सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

कभी खूब, कभी बिल्कुल नहीं...
अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 1944 में बना था, जब 707.1 मिमी (28 इंच) बारिश दर्ज हुई थी। वहीं, सबसे कम बारिश 1899 में मात्र 16 मिमी हुई थी, जो अब तक का सबसे सूखा अगस्त माना जाता है। पिछले 25 वर्षों में अगस्त का सबसे खराब प्रदर्शन 2023 में रहा, जब सिर्फ 68.9 मिमी (2.8 इंच) बारिश हुई थी। मौसम के आंकड़ों के मुताबिक़, अगस्त में न्यूनतम तापमान 22 अगस्त 2008 को 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि अधिकतम तापमान 19 अगस्त 1987 को 35.8 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था।

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सांकेतिक - फोटो : Adobe Stock

भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश में मानसून सक्रिय है लेकिन इंदौर और निमाड़ क्षेत्र में कोई बड़ा सिस्टम नहीं बन पा रहा है। 9 अगस्त के बाद ही वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। तब तक आकाश में हल्के बादल रहेंगे और बीच-बीच में तेज धूप भी निकल सकती है।

सावन की विदाई, भादों से उम्मीद
अब सावन माह का बस एक सप्ताह शेष है। इसके बाद भाद्रपद (भादों) मास शुरू होगा। इंदौरवासी उम्मीद कर रहे हैं कि अगस्त का बाकी हिस्सा मेहरबान रहेगा और शहर के तालाब, कुएं और बोरिंग एक बार फिर लबालब हो जाएंगे।

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