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Indore News: शेर के पीछे कौन है? यह फोटो बनी चर्चा का केंद्र, इंदौर में लगेगी प्रदर्शनी

Fri, 06 Feb 2026 07:06 AM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: प्रीतमलाल दुआ सभागृह में 6 से 8 फरवरी तक वरिष्ठ फोटोग्राफर हेमशंकर पाठक की तीन दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। रंगीन और श्वेत-श्याम चित्रों के माध्यम से प्रकृति, आध्यात्म और वन्यजीवों के पहलुओं को प्रदर्शित किया जाएगा। 
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शेर के पीछे कौन है? - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
इंदौर के वरिष्ठ फोटोग्राफर हेमशंकर पाठक के बेहतरीन छायाचित्रों की एक भव्य प्रदर्शनी आगामी 6 से 8 फरवरी तक आयोजित होने जा रही है। इस तीन दिवसीय कला उत्सव का आयोजन प्रीतमलाल दुआ सभागृह में किया जाएगा। इस प्रदर्शनी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पाठक के जीवन भर की साधना से निकले 81 चुनिंदा चित्रों को प्रदर्शित किया जाएगा। इन चित्रों में रंगीन फोटोग्राफी की चमक के साथ-साथ श्वेत-श्याम (ब्लैक एंड व्हाइट) तस्वीरों की गहराई भी देखने को मिलेगी। यहां आने वाले दर्शक न केवल फोटोग्राफी की तकनीकी कलात्मकता से रूबरू होंगे, बल्कि वे हर तस्वीर में जीवन के स्पंदन और जीवंतता को भी महसूस कर सकेंगे। यह प्रदर्शनी प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक सभी कला प्रेमियों और शहरवासियों के लिए खुली रहेगी।
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बुद्ध की गहराई - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
प्रकृति और आध्यात्म के विविध रंगों का संगम
अपनी कला यात्रा और इस आगामी प्रदर्शनी के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए हेमशंकर पाठक ने बताया कि उन्होंने इन तस्वीरों के माध्यम से प्रकृति, धर्म और आध्यात्म के अनूठे पहलुओं को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया है। पाठक के कैमरे की नजर से कहीं भगवान बुद्ध की गहरी ध्यान मुद्रा के दर्शन होते हैं, तो कहीं जंगल के राजा शेर का रौद्र और राजसी स्वरूप दिखाई देता है। उनकी तस्वीरों के संग्रह में जहां एक ओर प्रकृति की अद्भुत हरियाली की छटा बिखरी हुई है, वहीं दूसरी ओर विशाल पहाड़ों की अडिग खूबसूरती को भी बहुत ही खूबसूरती से कैद किया गया है। पाठक का मानना है कि उनकी खींची गई हर एक तस्वीर अपने आप में एक संपूर्ण कहानी है, जिसे समझने के लिए केवल एक पारखी नजर की आवश्यकता है।
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पहाड़ों की खूबसूरती - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
तस्वीरों के माध्यम से सामाजिक संदेश का प्रयास
प्रदर्शनी के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए पाठक ने कहा कि तस्वीरें वास्तव में बोलती हैं। उनके अनुसार, यदि कोई दर्शक किसी तस्वीर को एकाग्रता और ध्यान से देखे, तो उसे अनुभव होगा कि वह तस्वीर बिना कुछ कहे ही लाखों शब्दों के बराबर की बात कह देती है। उन्होंने साझा किया कि उनका सदैव यह प्रयास रहता है कि वे अपनी हर क्लिक के माध्यम से समाज को एक सार्थक और सकारात्मक संदेश दे सकें। यह प्रदर्शनी न केवल फोटोग्राफी के छात्रों के लिए सीखने का एक अच्छा अवसर है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी कला के माध्यम से जीवन को देखने का एक नया नजरिया पेश करती है।
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