फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: इंदौर में मदन मेलोडी में उंगलियों ने छेड़े सुर, बाजा गा रहा था गीत

Sun, 16 Mar 2025 10:16 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में सचिन जांबेकर की हारमोनियम प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सनाया दहाले, धवल चांदवडकर, निधि नारंग और हर्षवर्धन ने बेहतरीन गायन किया। "नैना बरसे रिमझिम" और "लग जा गले" जैसे गीतों ने माहौल को संगीतमय बना दिया। तीन घंटे की यह महफिल यादगार रही।
विज्ञापन
1 of 2
इंदौर में आयोजित संगीत निशा में प्रस्तुति देते धवल चांदवडकर, निधि नारंग। - फोटो : अमर उजाला
हारमोनियम के काले सफेद बटनों पर रविवार की शाम सचिन जांबेकर की उंगलियां का जादू चला। बेजान से नजर आने वाले इस बाजे से दर्द, कशिश, मौसिकी बह रही थी। धुनों में लफ्जों की तरह मासूमियत थी और शरारत भी। 

ये भी पढ़ें- रंगपंचमी पर इंदौर में रहेगा स्थानीय अवकाश, कलेक्टर ने जारी किए आदेश

गायकों धवल चांदवडकर, निधि नारंग, हर्षवर्धन और सनाया दहाले ने भी इस महफिल को अलग मुकाम पर पहुंचाया। इस महफिल का हासिल सनाया का नैना बरसे रिम झीम गीत रहा। बड़े ही अनोखे अंदाज में उन्होंने इसे पेश किया। सचिन ने एक हसीन शाम को दिल मेरा खो गया, ए दिल मुझे बता दे गीत को हारमोनियम पर बजाया तो हॉल तालियों से गूंज उठा। बॉलीवुड की 100 से अधिक फिल्मों में म्यूजिक देने वाले संगीतकार मदन मोहन के जन्म शताब्दी वर्ष में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इंदौर में संस्था सारेगामा रविवार को मदन मेलोडी’ का आयोजन लाभ मंडपम में किया था।

हारमोनियम पर गले की तरह हरकत, मुर्किया सुनकर श्रोता आश्चर्यचकित थे। उन्होंने यह भी बताया कि जो हारमोनियम वे बजा रहे हैं, वो उन्हें आशा जी ने दिया है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

2 of 2
इंदौर में आयोजित संगीत समारोह में बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे। - फोटो : अमर उजाला
शाम की शुरुआत विजय गावड़े ने हारमोनियम पर दो पुरानी धुनें बजा कर की। इसके बाद धवल ने फिर वही शाम गीत से समा बांधा।  सचिन जांबेकर ने ए दिल मुझे बता दे, वो चुप रहे तो मेरे दिल.. गीत को बजाया और दर्शकों की दाद बटोरी। धवल ने तुम्ही जुल्फ के साए में शाम कर लूंगा गीत को भावपूर्ण तरीके से गाया। हर्षवर्धन और सनाया ने  मस्ती भरे अंदाज में जमी से हमें आसमा पर बैठा कर गिरा तो न दोगे गीत को गाया। निधि के लग जा गले से गीत के साथ इस सुरों की शाम ने विदाई ली। 

ये भी पढ़ें- इस साल नहीं निकलेगी रसिया कॉर्नर की गेर, देखिए बाकी गेर की कैसी हैं तैयारियां

अभिषेक गावड़े की अगुआई में तीन घंटे तक चली महफिल में 25 से ज्यादा गीत सुनने को मिले, जो श्रोताओं के लिए यादगार रहे। संचालन संजय पटेल ने माना। संगीत संयोजन नितेश शेट्टी का था।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें