इंदौर-देवास रोड पर अर्जुन बड़ौद की तरह ही अब शहरी क्षेत्र में विजय नगर से देवास नाका के रोड पर भी हालात बदतर हो गए हैं। यहां चल रहे फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में उच्च न्यायालय द्वारा एनएचएआई (NHAI) को फटकार लगाए जाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
खुले चैंबरों में गिरकर कई लोग घायल हो रहे हैं।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
दो जगह बन रहे फ्लाईओवर
इंदौर से देवास रोड पर विजय नगर के आगे सत्यसांई चौराहे पर फ्लायओवर बन रहा है और फिर देवास नाका पर एक फ्लाईओवर बन रहा है। दोनों ही फ्लाईओवर के आसपास रोज ट्रैफिक जाम लग रहा है। देवास नाके वाले फ्लाईओवर के आसपास बड़े बड़े गड्ढे हैं जिनमें गाड़ियां फंस जाती हैं और ट्रैफिक जाम होता है। वहीं सत्यसांई के आसपास सर्विस रोड खराब होने से वाहन उलझते रहते हैं। चौराहे पर बने हनुमान मंदिर के पास वाहनों के निकलने के लिए इतनी संकरी जगह बची है कि वहां पर लगातार जाम होता रहता है।
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धूल के गुबार से लोग परेशान।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
सर्विस रोड बनी मुसीबत का सबब
फ्लाईओवर निर्माण के चलते ठेकेदार कंपनी ने ट्रैफिक को सर्विस रोड पर तो डायवर्ट कर दिया है, लेकिन दोनों ही जगह सर्विस रोड की हालत बेहद खस्ता है। लगभग पांच किलोमीटर लंबी सर्विस रोड पर गहरे गड्ढे, बिखरी पड़ी चूरी और गिट्टी हादसों को न्योता दे रही है। इस वजह से भारी वाहनों के टायर पंक्चर हो रहे हैं, तो वहीं दोपहिया वाहन चालकों के लिए सुरक्षित रास्ता तक नहीं बचा है। स्थिति यह है कि विजय नगर से देवास नाके तक की मामूली दूरी तय करने में लोगों को 20 मिनट से ज्यादा का समय लग रहा है।
बड़े गड्ढों से हो रहे हादसे
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
लाखों वाहन चालक रोज हो रहे परेशान
इस रोड से प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। पीक आवर्स में ट्रैफिक जाम के कारण लोगों का आधा घंटा अतिरिक्त बर्बाद हो रहा है। नियमों के अनुसार, सर्विस रोड की मरम्मत और धूल से बचाव के लिए पानी का छिड़काव ठेकेदार कंपनी की जिम्मेदारी है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एक नियमित यात्री कमल सिंघी ने बताया, "धूल इतनी ज्यादा होती है कि गाड़ी चलाना भी मुश्किल हो जाता है।"
व्यापार और रहवासी दोनों प्रभावित
सड़क की खस्ता हालत का असर आसपास के व्यापार पर भी पड़ रहा है। एक रेस्टोरेंट संचालक राहुल कोहली के अनुसार, दिनभर उड़ती धूल के कारण ग्राहक आने से कतराते हैं। वहीं, देवास से विजय नगर जाने वाले रास्ते पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण भारी वाहनों को निकलने में मशक्कत करनी पड़ रही है। इस समस्या से आसपास की 25 से अधिक कॉलोनियों के निवासी भी परेशान हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुछ स्कूलों ने तो अपने छात्रों की सुरक्षा के लिए निजी गार्ड तक तैनात कर दिए हैं।
सिंगापुर टाउनशिप के पास तो हालात बेहद खतरनाक
इसी रोड पर सिंगापुर टाउनशिप जाने का रास्ता भी आता है। यहां के अंडरपास में बार बार पानी भर जाता है और लोग रेलवे ट्रैक से होकर गुजरने को मजबूर हो जाते हैं। अंडरपास बंद होने पर इस रोड पर घंटों जाम लगा रहता है।
मंत्री ने कहा नवरात्रि के पहले सुधारें व्यवस्था
शुक्रवार को शहर की सड़कों पर हो रही परेशानियों के लिए मंत्री तुलसीराम सिलावट ने एक बैठक ली। उन्होंने कहा कि एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत का काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा है कि सभी जगह पर्याप्त अमला रखें ताकि किसी भी वाहन के खराब होते ही उसे तुरंत हटाया जा सके। इसके अलावा डायवर्शन मार्गों पर बने गड्ढों की तत्काल मरम्मत करने और पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। आगामी नवरात्रि पर्व को देखते हुए जल्द ही यह सारे काम करने के निर्देश दिए हैं।
ठेकेदार ने कहा 25 सितंबर से शुरू होगा डामरीकरण
प्रोजेक्ट मैनेजर रामेंद्र सिंह सिसौदिया ने कहा कि कुछ जगह काम शुरू कर दिया गया है। जहां पर भी बड़े गड्ढे हैं वहां भराव जारी है। लगातार तेज बारिश की वजह से कुछ जगह गड्ढे हुए हैं। जल्द ही पूरी सर्विस रोड पर डामरीकरण किया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि धूल को नियंत्रित करने के लिए रोजाना दो से तीन टैंकर पानी का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो। बता दें कि इस रोड के दोनों फ्लाईओवर का काम मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।