चीता (फाइल फोटो)
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किस आधार पर हुआ दावा कि आशा का गर्भपात हो गया
भारत में आने के बाद से आशा चीते की कोई जांच नहीं हुई है। चीतों को किसी तरह की स्ट्रेस न हो, इसके लिए उनके आसपास कोई नहीं जा रहा। एक और दिक्कत यह थी कि कूनो में न तो टेस्टिंग फेसिलिटी है और न ही कोई प्रोटोकॉल। विशेषज्ञों को उम्मीद थी कि नवंबर के पहले या दूसरे हफ्ते में आशा बच्चों को जन्म दे देगी। पर ऐसा नहीं हुआ। अब विशेषज्ञ कह रहे हैं कि आशा को निगरानी में 100 से अधिक दिन हो गए हैं। चीतों की गर्भाधान की अवधि 93 दिन होती है। इस आधार पर यह कहना सुरक्षित होगा कि आशा चीता अब प्रेग्नेंट नहीं है।
क्वारंटाइन में बच्चों को जन्म देती तो बाड़े में ही रहता परिवार
एक मीडिया रिपोर्ट में सीसीएफ फाउंडर और एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. लॉरी मार्कर के हवाले से कहा गया है कि आशा को जंगल से लाए 100 से अधिक दिन हो गए हैं, इस वजह से यह कहा जा सकता है कि वह अब प्रेग्नेंट नहीं है। यदि उसने क्वारंटाइन बाड़े में बच्चों को जन्म दिया होता तो चीता परिवार को कुछ और महीने वहां रहना होता। तब शावक भी आशा के साथ ही बड़े बाड़े में शिफ्ट होते। हमारा अनुमान है कि परिवहन में आशा जिस स्ट्रेस से गुजरी, उसने ही उसकी गर्भावस्था को खत्म कर दिया और गर्भपात हो गया।