वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित महाभारत समागम के दूसरे दिन दर्शकों को भारत और श्रीलंका की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से रूबरू होने का अवसर मिला। श्रीलंका और पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर से आए कलाकारों ने महाभारत के विभिन्न प्रसंगों को अपनी-अपनी नृत्य और नाट्य शैलियों में मंचित कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बहिरंग मंच पर श्रीलंका के एके फोक आर्ट रिसर्च सेंटर, कोलंबो द्वारा संगीत-नाट्य पांचाली की प्रस्तुति दी गई। इसके पहले पूर्वरंग में कथकली नृत्य शैली में दुशासन वध, मणिपुर के कलाकारों द्वारा नृत्य-नाट्य उर्वशी और अंतरंग मंच पर शिखंडी का सशक्त मंचन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने कलाकारों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।