प्रतीकात्मक तस्वीर
रेड वाइन, सोडा, खट्टे फल और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थ छोड़ दें। ड्रिंक करना ही चाहते हैं तो स्ट्रॉ का इस्तेमाल करें। ताकि इसमें मौजूद एसिड पूरे मुंह में न फैले। खाना खाने के बाद गर्म पानी से 2-3 मिनट तक कुल्ला करें। इसके अलावा कम से कम दो बार ब्रश करें। हर तीन से चार माह में टूथ ब्रश बदलें, यदि इससे पहले ब्रिस्ट फैल जाएं तो भी बदल दें। यदि क्राउन लगा है या दांतों के बीच गैप है तो डेंटल फ्लॉस का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके लिए इंटरडेंटल ब्रश का इस्तेमाल करना चाहिए। हर छह माह पर दांतों की जांच जरूरी है। इस बात का ध्यान रखें कि खाना दांत में फंसे नहीं। कभी-कभी संवेदनशीलता दांतों की वजह से ही नहीं बल्कि मसूड़ों की खराबी से होती है, इसलिए जांच जरूरी होती है।