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Ayodhya: नई पहचान बनाने को बेताब दिख रही राम की नगरी, संत बोले- अब सृजन ही धर्म है, तस्वीरें

Tue, 06 Dec 2022 04:59 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
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- फोटो : amar ujala
राम की नगरी अयोध्या अब विकास और सृजन की पहचान बन रही है। अब यहां हर रोज रामभक्तों का आना-जाना लगा रहता है। आज छह दिसंबर है। नगर में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं पर कहीं कोई भय या तनाव नहीं है।

सबकुछ सामान्य और शांत नजर आ रहा है। मठ-मंदिरों ने दर्शन-पूजन हो रहे हैं। लोग हर रोज की तरह आ जा रहे हैं। नगर की पहचान राम की पैड़ी और हनुमान गढ़ी में कहीं कोई पाबंदी नहीं है। यकीन नहीं होता कि यह वही अयोध्या है जो कि लंबे समय तक विवादों में रही।

अब राम की नगरी भी अपने विवादित इतिहास को पीछे छोड़कर आगे बढ़ चली है। छह दिसंबर को मुस्लिमों ने न तो यौम-ए-गम मनाया और न ही विहिप व साधु-संतों ने शौर्य दिवस मनाया। हर वर्ग कह रहा है कि इस तारीख को भूल जाना ही बेहतर है।

तस्वीरों में देखें कैसा रहा अयोध्या का माहौल...
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- फोटो : amar ujala
मंदिर के हक में फैसला आते ही और मंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही अयोध्या अब विवाद को भूलकर सौहार्द की नई परिभाषा गढ़ रही है। नगर की लता मंगेशकर चौक के पास हर रोज की तरह पर्यटक आए और तस्वीरें ली।
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- फोटो : amar ujala
सुग्रीव किला के पास मिले ज्योतिषी साकेत शरण बोले कि कभी मंदिर-मस्जिद विवाद के लिए अयोध्या जानी जाती रही, आज अयोध्या की नई पहचान बन रही है। मंदिर निर्माण के साथ रामनगरी का वनवास खत्म और विकास का मार्ग शुरू हो चुका है। (नगर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।)

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- फोटो : amar ujala
हनुमानगढ़ी में मिले संत मामा दास बोले कि अब शौर्य, न गम, बज सृजन ही धर्म...को अपनाने की जरूरत है। विवाद का काल और आज के काल की तुलना करके देख लीजिए फर्क आपको स्वयं महसूस होगा। विवाद के चलते जहां कोई अयोध्या आना नहीं चाहता था, आज पूरी दुनिया अयोध्या में उमड़ पड़ी है।
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मार्कंडेय शाही व मुकेश। - फोटो : amar ujala
अपने परिवार के साथ हनुमानगढ़ी दर्शन करने आए साहबगंज के निवासी मुकेश कहते हैं कि आज छह दिसंबर है पर कहीं कोई दिक्कत नहीं है। पूरे परिवार के साथ स्नान और दर्शन-पूजन किया।
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इकबाल अंसारी। - फोटो : amar ujala
बाबरी मामले के पक्षकार रहे मरहूम हाशिम अंसारी के पुत्र इकबाल अंसारी का कहना है कि अयोध्या धर्म की नगरी है और अब शांत है। यहां के लोग विकास चाहते हैं। मुस्लिम पक्ष के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार कर लिया है। अब  यौम-ए-गम नहीं मनाया जाता है। नगर में विकास हो रहा है। सड़कों का निर्माण हो रहा है। 
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- फोटो : amar ujala
अयोध्या अब विवादों को छोड़कर नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। 2017 में प्रदेश में योगी सरकार के आने के बाद लगातार मनाए जा रहे दीपोत्सव से नगर को वैश्विक पहचान मिल रही है। हर महीने करोड़ों श्रद्घालु आ रहे हैं।
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