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Lucknow Dog Attack: पिटबुल से बचने के लिए मालकिन ने किया था संघर्ष, शरीर पर इतने घाव देख कांप गए डॉक्टर

Wed, 13 Jul 2022 11:55 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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Lucknow Dog Attack: - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कैसरबाग के बंगाली टोला में मंगलवार सुबह रिटायर्ड शिक्षिका सुशीला त्रिपाठी (82) की उनके घर में पल रहे पिटबुल डॉग ने नोंच खाया, जिससे उनकी मौत हो गई। सुशीला त्रिपाठी परिवार के साथ कैसरबाग के बंगाली टोला में रहती थीं। वह नारी शिक्षा निकेतन में शिक्षिका के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। सुशीला और उनके परिवार ने घर में एक लेब्राडोर तो दूसरा खूंखार प्रजाति का पिटबुल डॉग पाल रखा है। मंगलवार सुबह सुशीला छत पर दोनों श्वानों को टहला रही थीं। इस दौरान अचानक से पिटबुल ने सुशीला पर हमला कर पेट, सिर, चेहरा, पैर और हाथ में कई जगह नोंच लिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान सुशीला के घर में केवल नौकरानी ही थी। सुशीला की चीख सुनकर वह छत पर पहुंची तो उन्हें खून से लथपथ देख शोर मचाया। सूचना पर सुशीला का बेटा अमित भी आ गया। आनन-फानन उन्हें ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। 
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मृतक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
शरीर पर मिले 13 बड़े घाव के निशान
पोस्टमार्टम में सुशीला के चेहरे, पेट, सिर के पिछले हिस्से, दोनों हाथ और जांघ पर 13 जगह श्वान के नोंचने के निशान मिले। इसके अलावा कई जगह शरीर पर खरोंच के निशान भी मिले हैं। इससे जाहिर है कि सुशीला ने खुद को पिटबुल से बचाने के लिए काफी संघर्ष किया था। मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी सत्यपाल सिंह के मुताबिक शिक्षिका मृत हालत में ट्रॉमा सेंटर लाई गई थीं।   

 
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फाइल फोटो
पिटबुल के हमले का देश में तीसरा मामला
खूंखार पिटबुल द्वारा अपने मालिक या घर के किसी अन्य सदस्य पर हमले का देश में यह तीसरा मामल बताया जा रहा है। लखनऊ से पहले हरियाणा के यमुनानगर में फरवरी 2022 में और राजस्थान के जयपुर में जुलाई 2021 में ऐसा केस सामने आ चुका है।

 

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फाइल फोटो - फोटो : mail today
शहर में और पले हैं खतनाक 23 पिटबुल श्वान
मंगलवार को कैसरबाग इलाके के बंगाली टोला में जिस पिटबुल ब्रीड केपालतू श्वान के हमले से एक बुजुर्ग महिला की जान गई वैसे ही 23 पिटबुल और शहर में हैं। जिस पिटबुल ने अपनी ही मालकिन की जान ली उसका नगर निगम से लाइसेंस था या नहीं यह अभी साफ नहीं हो पाया मगर खतरनाक श्रेणी में माने जाने वाले जिन अन्य पिटुबल केलाइसेंस नगर निगम से जारी हैं उनकी तादाद 23 है। 

 
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फाइल फोटो - फोटो : mail today
कई देशों में तो यह प्रजाति प्रतिबंधित है मगर अपने देश में ऐसा नहीं है। नगर निगम ने अप्रैल से अब तक 4824 सभी प्रजाति केपालतू श्वानों के लाइसेंस जारी किए हैं। इनमें 23 लाइसेंस पिटबुल प्रजाति के श्वान केभी हैं। नगर निगम के पशुचिकित्साधिकारी डा. अभिनव वर्मा का कहना है कि कैसरबाग में जहां पर पिटबुल के हमले से बुजुर्ग महिला की मौत होने का मामला है उसका लाइसेंस नगर निगम से जारी है कि नहीं यह अभी साफ नहीं हो पाया है। 

 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
घटना की जानकारी के बाद नगर निगम की टीम मौके पर गई थी। उस समय घर पर ताला लगा था। इस कारण टीम लौट आई। कुत्ता भी पकड़ा नहीं गया है। घर वालों से बात हो तो पता चल पाएगा कि लाइेंसस बना था या नहीं । अभी वह दु:ख में है। पुलिस की ओर से अभी जांच पड़ताल करने से मना किया गया है। जैसे ही घर वाले आएंगे तो जानकारी मिल पाएगी।
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