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Savan ka Somwar: 300 साल पुराना है कैलाश आश्रम का चंद्रेश्वर महादेव मंदिर, मुगल काल में उजाड़ दिया गया था

Mon, 07 Aug 2023 02:33 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी

सार

भगवान चंद्रेश्वर महादेव का मंदिर करीब 300 साल पुराना है। इसे मुगलकाल मे आतताइयों ने उजाड़ दिया था। 1960 में स्वामी अभयानंद ने इसकी मरम्मत करवाई थी।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बाराबंकी शहर में राजकमल रोड पर स्थित है कैलाश आश्रम और कैलाश आश्रम के अंदर स्थापित है भगवान चंद्रेश्वर महादेव का मंदिर। यह मंदिर न केवल शहर बल्कि की दूरदराज के लोगों की आस्था का केंद्र है। यह मंदिर करीब 300 साल पुराना है। मुगल काल में आतताइयों ने इस मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया था। काफी दिन तक मंदिर यूं ही विद्यमान रहा।

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1960 में यहां आए स्वामी अभयानंद सरस्वती ने मंदिर की मरम्मत कराई और भगवान चंद्रेश्वर को स्थापित कर पूजा-अर्चना प्रारंभ की। मान्यता है कि इस मंदिर में रुद्राभिषेक करने से फल अवश्य मिलता है।

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सावन के महीने में सुबह से ही इस मंदिर में श्रद्धालुओं की कतार लग जाती है जबकि सोमवार को तो सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने का नाम नहीं लेती।

कैलाश आश्रम स्थित इस मंदिर में स्थापित किए गए शिवलिंग को सिद्ध शिवलिंग माना जाता है। आश्रम परिसर में ही एक सन्यास आश्रम है जहां पर संतों का आना जाना लगा रहता है।

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