राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम के मड़ियांव गांव में बुधवार देर रात असलहों से लैस आधा दर्जन बदमाशों ने धावा बोल दिया। एक घर की बाउंड्री फांदकर भीतर घुसने की कोशिश करने लगे। तभी कुत्तों के भौंकने की आवाज सुन ग्रामीण जाग गए और उन्होंने बदमाशों को घेर लिया। (घटना पर हड़कंप मच गया।)
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इस पर बदमाशों ने पथराव किया और हवाई फायरिंग कर दी। जवाब में ग्रामीणों ने भी पथराव व हवाई फायरिंग की। हालांकि, बदमाश भाग निकलने में सफल रहे। (अपने घरों की रखवाली करने बैठे लोग।)
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सूचना पर एएसपी ट्रांसगोमती जय प्रकाश ने भारी पुलिस फोर्स के साथ गांव को चारों तरफ से घेर लिया। लेकिन बदमाशों को पकड़ने में नाकाम रहे। दहशत के चलते लोग सवेरा होने तक अपने-अपने मकान की छतों और गलियों में लाठी-डंडे लेकर चौकसी करते रहे। मड़ियांव के संदीप लोधी ने बताया कि रात लगभग 12 बजे वह खाना खाने के बाद अपने घर के सामने कुंवर गड्डा हनुमान मंदिर के पास टहल रहा था। इस बीच बॉक्सर बाइक पर सवार दो बदमाश उसके पास आए और यादव टोला जाने वाला रास्ता पूछा। पहले तो शक नहीं हुआ लेकिन, अचानक दूसरे रास्ते से दो और बाइक पर सवार चार बदमाश यादव टोला पहुंच गए।
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उन्होंने शाही मस्जिद के पास ही अपनी बाइकें खड़ी कीं और कुछ दूर पैदल जाने के बाद एक मकान की बाउंड्री फांदने लगे। यादव टोला के सैफ ने अचानक कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनी। इसी तरह उसके पड़ोसी भी जाग गए। उन्होंने बदमाशों को बाउंड्री फांदते देखा तो शोर मचाते हुए बदमाशों को घेर लिया। (गांव वालों ने इसी तरह घूम-घूम कर रात गुजार दी।)
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इस पर बदमाश पथराव व हवाई फायरिंग करते हुए बाइकों की ओर भागे। ग्रामीणों ने भी पथराव और हवाई फायरिंग करते हुए बदमाशों का पीछा किया, लेकिन बदमाश भाग निकले। पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना के बाद एएसपी सिटी ट्रांसगोमती जय प्रकाश भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कराई लेकिन, बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा।
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बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक करते रहे पहरेदारी
मड़ियांव में पांच साल के बच्चे से लेकर 80 साल की वृद्धा तक हाथ में लाठी लिए अपने-अपने घर की पहरेदारी में डटे रहे। महिलाओं ने मकान की छत और बाउंड्री के सामने मोर्चा संभाला तो पुरुष गली-मोहल्ले में घूम-घूमकर जागते रहो की आवाज लगा चौकीदारी कर रहे थे। चूहे और खटमल मार दवा बेचने वाला बुजुर्ग नसीर, 80 साल की वृद्ध चंपा देवी, पांच साल का बच्चा सुमित, बच्ची कोमल समेत गांव का हर व्यक्ति लाठी-डंडे और भाले लिए सवेरे तक चौकन्ने रहे।
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सप्ताह भर से लगातार आ रहे बदमाश
ग्रामीणों ने बताया कि बदमाश सप्ताहभर से आ रहे हैं। उन्होंने पहले गांव में उन मकानों की रेकी की, जहां वारदात अंजाम देनी थी। बुधवार रात वह एक साथ कई घरों को निशाना बनाने की तैयारी में थे, हालांकि लोगों के जग जाने से बदमाशों को भागना पड़ा। लोगों ने पुलिस अधिकारियों से पुलिस चौकी बनवाने और रात में गश्त कराने की मांग की है।
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घटना को अफवाह बताती रही पुलिस
बदमाशों के आने की सूचना से मड़ियांव गांव के 15 हजार लोगों में दहशत है। पथराव और फायरिंग हुई लेकिन, मौके पर पहुंची पुलिस इसे महज अफवाह बताती रही। एएसपी सिटी ट्रांसगोमती जय प्रकाश का कहना है कि किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम को गलत सूचना दी थी। वहां बदमाशों ने धावा नहीं बोला था।
इसी तरह, जानकीपुरम थाने के एसएसआई संजीव मिश्रा का कहना है कि मड़ियांव गांव में एक भी प्रत्यक्षदर्शी उन्हें अब तक नहीं मिला है, जिसने बदमाशों को देखा। इस मामले में किसी भी ग्रामीण ने रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराई। (अपने घर की रखवाली करती एक महिला।)