लखनऊ के काकोरी के चौधरी मोहल्ले में मंगलवार को पति-पत्नी के बीच हो रहे झगड़े में बीच बचाव करने गए फैज को उसके मौसा शफी अहमद ने ही 315 बोर के तमंचे से गोली मार दी। घरवाले फैज को ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। (घटना के बाद घर के बाहर मौजूद पुलिस।)
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वहीं, मौसा शफी ने मां और भाई के साथ खुद को कमरे में लॉक कर लिया और गोली मारने की धमकियां देता रहा। एक घंटे बाद पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकी।
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एसओ काकोरी राम नरेश यादव ने बताया कि किसान नदीम अहमद का बेटा फैज (26) सुबह बाग में आम तुड़वाने गया था। दोपहर की नमाज पढ़ने के बाद वह पैदल ही घर लौट रहा था।
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रास्ते में सगी मौसी तरन्नुम के घर के सामने पहुंचा तो उसे लड़ाई झगड़े की आवाजें सुनाई दीं। तरन्नुम व शफी अहमद में झगड़ा होता देखकर फैज ने बीच-बचाव की कोशिश की। इस बीच शफी अहमद ने तरन्नुम को पीटना शुरू कर दिया। फैज ने मौसी का पक्ष लेते हुए मौसा को चेतावनी दे डाली। (घटना के बाद घर के बाहर मौजूद पड़ोसी।)
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उधर, शफी की तरफदारी में उसकी मां बिटिया देवी और भाई इस्माइल आ गए। गुस्साए शफी ने आलमारी में रखा लोडेड तमंचा निकाला और तरन्नुम पर तान दिया। बाद में फैज को निशाने पर ले लिया। फैज ने भागने की कोशिश की लेकिन शफी ने फायर कर दिया। (मौजूद पुलिसकर्मी।)
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गोली उसके गले में जा धंसी और वह गिर पड़ा। फायर की आवाज सुन पड़ोसी भी आ गए और पुलिस को सूचना देने के साथ ही फैज को ट्रॉमा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। (हादसे के बाद फैला खून।)
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कटहल की सब्जी न बनाने को लेकर हुआ था झगड़ा
परिवारीजनों ने बताया कि शफी अहमद व तरन्नुम में अक्सर झगड़ा होता रहता था। मंगलवार को भी सैफ इस बात से नाराज था क्योंकि तरन्नुम ने उसके कहने के बावजूद कटहल की सब्जी नहीं बनाई।
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फैज की मौत के बाद गांव में तनाव, पीएसी तैनात
मुमताज डिग्री कॉलेज से बीए पास फैज की हत्या के बाद गांव में तनाव की स्थिति है। इसे देखते ही पीएसी और पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है।
घर में पसरा मातम
हादसे के बाद घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल था। मां अफसर जहां, बहने नफला, आशिका और शगुफ्ता गमगीन थीं। वह अक्सर फैज को दूसरे के झगड़े में बीच-बचाव करने से मना करती थीं। तीन साल पहले ही अरब में नौकरी छोड़कर यहां आए मौसा शफी अहमद ही उसकी हत्या कर देगा, यह उन्होंने कभी नहीं सोचा था। (तस्वीर में घर के पास मौजूद पड़ोसी।)