लखनऊ के हसनगंज की बब्बूवाली गली में शुक्रवार सुबह निजी अस्पताल की नर्स वंदना चौधरी (23) को बस्ती निवासी मदन निषाद (26) ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। मदन उससे एकतरफा प्यार करता था। वह वंदना से मिलने आया, जहां दोनों के बीच झगड़ा हुआ। इसके बाद उसने कमरे का दरवाजा बंद करके वंदना के सीने से तमंचा सटाकर गोली मार दी। इसके बाद उसने भी खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। फायरिंग की आवाज सुनकर मकान में रहने वाले लोगों के होश उड़ गए।
विज्ञापन
2 of 10
मृतका वंदना (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
दरवाजा तोड़ने पर भीतर दोनों के खून से लथपथ शव पड़े थे। एसएसपी कलानिधि नैथानी समेत अन्य पुलिस अफसरों ने घटनास्थल पहुंचकर छानबीन की। देर शाम दोनों के परिवारीजन भी लखनऊ आ गए। शनिवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
विज्ञापन
3 of 10
मदन (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
एसएसपी ने बताया कि वंदना चौधरी मूलरूप से बस्ती के वाल्टरगंज की रहने वाली थी। वह यहां बब्बूवाली गली में कमरुद्दीन के मकान में किराये पर रहकर बालागंज के एक अस्पताल में नर्स की नौकरी करती थी। उसके साथ कंप्यूटर का कोर्स कर रही छोटी बहन अर्चना भी रहती थी।
4 of 10
हत्या के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : amar ujala
मदन भी बस्ती के रुधौली का ही रहने वाला था। दोनों बस्ती में एक ही स्कूल में पढ़ते थे। इंटर की पढ़ाई के बाद वंदना लखनऊ आ गई और किराये पर रहकर नर्सिंग की पढ़ाई के बाद नौकरी कर रही थी। अक्सर उसकी मदन से फोन पर बातचीत होती थी।
विज्ञापन
5 of 10
कमरे की जांच करती पुलिस
- फोटो : amar ujala
शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे वंदना नाइट ड्यूटी करके कमरे पर लौटी थी। कुछ ही देर बाद मदन भी वहां आ गया। मकान में रहने वाली किरायेदार रेनू सिंह ने बताया कि मकान में कॉमन बाथरूम व टॉयलेट है। वह कपड़े धो रही थी तभी वंदना आ गई।
विज्ञापन
6 of 10
मौके पर पडृताल करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
उसने मेहमान आने की बात कहते हुए नहाने के लिए कहा तो वह बाथरूम से हट गई। इसी बीच उसके कमरे पर आया मदन वहां आ गया और पांच मिनट बातचीत के बाद नहाने की बात कहते हुए कमरे में ले गया। दोनों कमरे में पहुंचे और दरवाजा बंदकर लिया। कुछ ही सेकंड बाद भीतर से गोली चलने की आवाज आई। लोग कुछ समझ पाते, इसी दौरान दूसरा फायर हो गया। मकान मालिक कमरुद्दीन व अन्य किरायेदार वंदना के कमरे की तरफ दौड़े। सूचना पाकर पुलिस भी आ गई।
विज्ञापन
7 of 10
मौके पर पडृताल करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
दरवाजा तोड़ने पर भीतर दोनों जमीन पर मृत अवस्था में फर्श पर पड़े मिले। कमरे में खून ही खून फैला था। पास ही .315 बोर का तमंचा पड़ा था। इस बीच डबल मर्डर की अफवाह फैल गई। एसएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मकान मालिक व किरायेदारों ने बताया कि कमरा भीतर से बंद था।
8 of 10
मौके पर पडृताल करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
संभवत: मदन ने वंदना की हत्या करने के बाद खुद को गोली मारी है। पुलिस ने तमंचा जब्त कर लिया है। मदन के कपड़ों की तलाशी में एक कारतूस मिला है। एसएसपी ने बताया कि मकान मालिक की तरफ से सूचना दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है।
9 of 10
मौके पर पडृताल करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कॉलेज में हुई थी दोनों की दोस्ती
मदन के परिवारीजनों ने बताया कि दोनों की दोस्ती इंटर कॉलेज में हुई थी। अक्सर दोनों साथ घूमते थे। वंदना ने नर्सिंग कोर्स करने के बाद बालागंज स्थित गैलेक्सी अस्पताल में नर्स की नौकरी शुरू कर दी। उधर, मदन ने न आगे पढ़ाई की न ही कोई काम धंधा पकड़ा। मदन के पिता प्रभुनाथ निषाद मत्स्य विभाग में फिशर हैं और बस्ती के पड़िया चौराहे पर उनकी तैनाती है। वंदना के पिता किसान हैं। उसके दो बड़े भाई बस्ती में ही नौकरी करते हैं।
मुंबई जाकर किया कबाड़ का काम, एक महीने पहले आया वापस
मदन रोजगार की तलाश में मुंबई चला गया था। वहां उसने कबाड़ का काम शुरू किया। एक महीने पहले वह बस्ती लौट आया। इस दौरान उसकी मां की तबीयत खराब हो गई। उसने मां का उपचार कराया। 18 सितंबर को वह गांव से निकलकर पड़िया चौराहे पर पिता के पास गया। वहां वह एक रात रुका। 19 सितंबर की सुबह घर जाने की बात कहकर चला गया। हालांकि, वह घर न जाकर सीधे लखनऊ आ गया। यहां पर उसने रात कहां और किसके साथ बिताई? इस बारे में पुलिस को जानकारी नहीं मिल सकी है। शुक्रवार सुबह वह सीधे वंदना के कमरे पर पहुंच गया।