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बाय... मम्मी-डैडी आई क्विट, लिखकर छात्र ने कनपटी में गोली मार ली

Fri, 13 Jan 2017 12:59 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ के हुसैनगंज में साहू धर्मशाला के पास रहने वाले सीएमएस के दसवीं के छात्र शिव्यांश (16) ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक से कनपटी पर सटाकर गोली मार ली। जिस वक्त यह घटना हुई, उस वक्त शिव्यांश के माता-पिता किसी बीमार रिश्तेदार को देखने गए हुए थे। पुलिस को छात्र की कॉपी में लिखा डेढ़ लाइन का सुसाइड नोट मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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बाय....मम्मी-डैडी आई क्विट
इंस्पेक्टर अखिलेश चंद्र पांडेय ने बताया कि पुलिस को शिव्यांस की कॉपी में डेढ़ लाइन का सुसाइड नोट लिखा मिला है। जिसमें लिखा है कि बाय सबसे प्यारे मम्मी-डैडी एंड भाई दिशू। आई क्विट।
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शिव्यांश के पिता ओम प्रकाश साहू आकाशवाणी में संपादक हैं।  मां किरन घर के पड़ोस में ही एक निजी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। बड़ा भाई दिव्यांश भी सीएमएस में 11वीं का छात्र है। पुलिस ने बताया कि बुधवार शाम पांच बजे के करीब ओम प्रकाश पत्नी के साथ बीमार साली को देखने गए थे। बड़ा भाई कोचिंग गया था। शिव्यांस दूसरी मंजिल पर बने कमरे में पढ़ाई कर रहा था। इसी बीच कमरे से गोली चलने की आवाज आई।

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आवाज सुनकर घर में मौजूद शिव्यांश की चचेरी बहन प्रिया दूसरी मंजिल पर पहुंची तो देखा वह बेड से नीचे गिरा पड़ा था, वहीं बंदूक पड़ी थी और उसके कान के पास से खून बह रहा था। खून से लथपथ शिव्यांश तड़प रहा था। प्रिया शोर मचाते नीचे भागी और जानकारी परिवारीजनों को दी। माता-पिता घर पहुंचे और बेटे का शव देख उनके होश उड़ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है।
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हुसैनगंज निवासी सीएमएस स्टूडेंट ने अपने पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी है, उसे ओम प्रकाश साहू जमा नहीं करा पाए थे। आचार संहिता लगने के बाद असलहे थाने में जमा कराने थे। पुलिस ने बताया कि मृतक छात्र के पिता के नाम पर एक रिवॉल्वर व एक बंदूक का लाइसेंस था। पिता रोते हुए बोले कि काश! असलहे जमा करा दिए होते तो शायद बच्चे की जान बच जाती।
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मां कमला ने बताया उनका शिव्यांस पढ़ने में होशियार था। वह हमेशा अपनी क्लास में फर्स्ट डिविजन से पास होता था। छात्र के इस गलत फैसले की खबर उसके दोस्तों को लगी तो वह भी घर पहुंच गए। साथी छात्र शिव्यांश का शव देखकर उनकी भी आंखे नम हो आई थीं। परिवारीजनों ने बताया बेटे ने अफसर बनने का सपना संजोया था।
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घर में मचा कोहराम
छात्र की मौत बाद परिवार में कोहराम मच गया था। मां ने बेटे का खून से लथपथ शव देखकर गश खाकर गिर गई। परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला। वह रोते हुए बोली कि मेरा बेटा कभी खुदकुशी नहीं कर सकता था वह बहुत बहादुर था। बेटे का शव मर्च्युरी ले जाते वक्त मां पीछे-पीछे दौड़ पड़ी। रिश्तेदारों ने किसी तरह किरन साहू को पकड़ा और ढांढस बंधाने लगे।
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