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Yoga Tips: अस्थमा रोगियों के लिए वरदान हैं ये योगासन, श्वास संबंधी समस्याओं से मिलती है राहत

Wed, 05 Apr 2023 11:35 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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asthma - फोटो : istock

Yoga Tips: श्वसन संबंधित बीमारियों जैसे अस्थमा एक गंभीर और क्रोनिक बीमारी है। अस्थमा के रोगियों को सांस फूलना, दम घुटने और सांस लेने में तकलीफ होने की समस्या हो सकती है। अस्थमा से बचाव के लिए कई तरह के उपाय की सलाह दी जाती है। अस्थमा की शिकायत होने पर वायु मार्ग संकीर्ण सूज जाते हैं, इस कारण अतिरिक्त बलगम बनता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है। सांस छोड़ते समय खांसी, सीटी की आवाज आ सकती है। वहीं अस्थमा के कारण कई गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ के मुताबिक, योग के माध्यम से अस्थमा के लक्षणों को नियंत्रित कर सकते हैं। यहां आपको कुछ योगासनों के बारे में बता रहे हैं, जो अस्थमा जैसी श्वसम संबंधित समस्याओं में सुधार लाने में सहायक हैं।
 

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भुजंगासन - फोटो : Istock
भुजंगासन

कई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं को सुधारने के लिए भुजंगासन का अभ्यास लाभकारी है। अस्थमा के मरीजों के लिए भुजंगासन बेहद फायदेमंद योग है। इसके नियमित अभ्यास से अस्थमा की जटिलताओं को कम किया जा सकता है। भुजंगासन करने के लिए पेट के बल लेटकर हथेलियों को कंधों के नीचे रखते हुए सांस लें और शरीर के अगले हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं। कुछ सेकेंड इसी स्थिति में रहने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।
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पवनमुक्तासन - फोटो : pixabay
पवनमुक्तासन

श्वास संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए पवनमुक्तासन का अभ्यास काफी लाभकारी है। पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को मिलाते हुए हथेली को जमीन पर लगाएं। फिर दाहिने पैर को घुटने से मोड़ते हुए छाती से लगा लें। दोनों हाथों की उंगलियों को मिलाकर घुटने से थोड़ा नीचे होल्ड करें। अब पैरों से छाती पर दबाव डालते हुए सांस अंदर बाहर छोड़ें।

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ब्रिज पोज - फोटो : istock
सेतुबंधासन

इस योग के नियमित अभ्यास से अस्थमा के लक्षणों को कम किया जा सकता है और सांस लेने की क्षमता में भी सुधार लाया जा सकता है। साथ ही सेतुबंधासन कमर दर्द से राहत दिलाने में भी फायदेमंद है। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा अलग करते हुए घुटनों को मोड़ कर हथेलियों को खोलें और हाथ को बिल्कुल सीधा जमीन पर सटा कर रखें। श्वांस लें और कमर के हिस्से को ऊपर उठाएं और कंधे और सिर को सपाट जमीन पर रखें।
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नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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योगा - फोटो : istock
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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