फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yoga Tips: World Heart Day पर जानिए हृदय को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए किन योगासनों का करें अभ्यास?

Thu, 29 Sep 2022 12:45 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
हृदय को स्वस्थ रखने वाले आसन - फोटो : Istock
हृदय रोगों के बढ़ते मामले चिंता बढ़ाने वाले हैं। हाल के वर्षों में 40 से कम आयु वाले लोगों में भी हृदय के गंभीर रोगों के खतरे को बढ़ता हुआ देखा गया है। ऐसे मामले जानलेवा भी हो सकते हैं, ऐसे में समय पर इनकी पहचान और बचाव के उपाय करना भी आवश्यक हो जाता है। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आहार की पौष्टिकता के साथ दिनचर्या को ठीक रखना भी बहुत आवश्यक हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नियमित रूप से योग-व्यायाम की आदत बनाना भी हृदय को सेहतमंद रखने का एक कारगर उपाय हो सकता है। योग न सिर्फ हृदय की क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं साथ ही यह कई प्रकार के रोगों के जोखिम को कम करने में भी सहायक हो सकते हैं।

हृदय रोगों के बढ़ते जोखिमों को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। योग विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह से कम उम्र के लोग भी हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याओं की चपेट में आ रहे हैं, इससे बचाव के लिए योगासनों के अभ्यास की आदत बनाना सभी उम्र के लोगों के लिए बहुत आवश्यक है।

आइए जानते हैं कि हृदय को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए किन योगासनों का रोजाना अभ्यास करना आपके लिए लाभकारी हो सकता है?
विज्ञापन

2 of 4
पश्चिमोत्नासन योग के अभ्यास से लाभ - फोटो : Pixabay
रोजाना कीजिए प्राणायाम

प्राणायाम के अभ्यास की आदत सिर्फ मानसिक ही नहीं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी विशेष लाभकारी मानी जाती है। विशेषकर हृदय रोग के प्रमुख कारक उच्च रक्तचाप को कम करने में इस योग के लाभ हैं। प्राणायाम के अभ्यास से हृदय की मांसपेशियों को आराम मिलता है, रक्त का संचार बेहतर होता है और हृदय पर बन रहा किसी प्रकार का अतिरिक्त दबाव कम होता है। भस्त्रिका, कपालभाति और अनुलोम-विलोम जैसे प्राणायाम की आदत आपके हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक मानी जाती है।
विज्ञापन

3 of 4
वीरभद्रासन योग से होने वाले लाभ - फोटो : Istock
वीरभद्रासन योग के लाभ

वीरभद्रासन योग के अभ्यास की आदत शरीर के संतुलन में सुधार करने और सहनशक्ति को बढ़ाती है। यह रक्त परिसंचरण में भी सुधार करता है और तनाव को दूर करता है। यह हृदय गति को नियंत्रित रखता है। इसे उत्तेजक अभ्यास के तौर पर जाना जाता है और पूरे शरीर को लचीला बनाने में सहायक है। हृदय की क्षमता में सुधार करने और हृदय की मांसपेशियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए वीरभद्रासन योग के अभ्यास की आदत बनाना आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकता है।
विज्ञापन

4 of 4
धनुरासन योग के लाभ - फोटो : Pixabay
धनुरासन योग के लाभ

धनुष योग मुद्रा, हृदय  को खोलने और संबंधित मांसपेशियों को मजबूत बनाने में आपके लिए सहायक है। पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग करने के साथ हृदय पर से अतिरिक्त दबाव को कम करने, रक्त संचार को ठीक रखने और रक्त परिसंचरण को बेहतर बनाने के लिए धनुरासन योग का अभ्यास करना आपको लाभ दे सकता है। योग विशेषज्ञ कहते हैं सभी उम्र के लोगों को दिनचर्या में इस योगासन को जरूर शामिल करना चाहिए, यह संपूर्ण शरीर के लिए प्रभावशाली योगाभ्यासों में से एक है। 



------------------
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें