लिवर, शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, इसमें होने वाली किसी भी तरह की समस्या के चलते पूरे शरीर पर नकारात्मक असर देखा जा सकता है। लिवर में फैट एकत्रित होने, जिसके कारण फैटी लिवर की समस्या हो सकती है, युवाओं में यह तेजी से बढ़ती दिक्कत देखी जा रही है। आमतौर पर माना जाता है कि लिवर के ज्यादातर रोग शराब के अधिक सेवन के कारण होते हैं पर फैटी लिवर के कुछ मामले उन लोगों में भी हो सकते हैं जो शराब नहीं पीते हैं।
इस स्थिति को नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के रूप में जाना जाता है। डॉक्टर कहते हैं कि लिवर को स्वस्थ रखने के लिए सभी लोगों को आहार पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है। अध्ययनों में पाया गया है कि लिवर को स्वस्थ रखने, इसके कार्यों को बढ़ावा देने और फैटी लिवर डिजीज जैसी समस्याओं के जोखिमों को कम करने में योगासनों के अभ्यास की आदत बनाना भी फायदेमंद हो सकता है।
इतना ही नहीं नियमित रूप से योग का अभ्यास करने वालों में लिवर की बीमारियों के विकसित होने का जोखिम भी कम होता है। आइए जानते हैं कि लिवर को स्वस्थ रखने और फैटी लिवर जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करने में किन योगासनों का अभ्यास किया जा सकता है?