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Yoga Tips: थायरॉइड विकारों से मिलेगा आराम, दिनचर्या में इन योगासनों को बेहद फायदेमंद मानते हैं विशेषज्ञ

Thu, 21 Jul 2022 12:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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थाइरॉइड की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : iStock
योगासनों के अभ्यास शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए कारगर माना जाता है। योग आपकी ऊर्जा को संतुलित करने, शरीर के लचीलेपन को बढ़ाने और तनाव को दूर करने के लिए कारगर माने जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि योगसनों से हार्मोन संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलती है, ऐसे में यह थायरॉइड की समस्या से परेशान लोगों की सेहत को ठीक बनाए रखने में सहायक अभ्यास हो सकता है।

योग मुद्राएं थायरॉइड ग्रंथि के कार्यों को आसान बनाने के साथ हार्मोन के स्तर को संतुलित करने में कारगर हो सकती हैं।

कई अध्ययनों में थायरॉइड के कामकाज में सुधार करके हार्मोंन संतुलन को बेहतर बनाए रखने में नियमित रूप से योगासनों के अभ्यास को लाभकारी बताया गया है। जिन लोगों को थायरॉइड की समस्या का जोखिम होता है उनके कामकाज को भी ठीक रखकर इस तरह की समस्याओं से बचाव करने के लिए योगासनों का अभ्यास करना विशेष लाभकारी माना जाता है। आइए जानते हैं कि थायरॉइड ग्रंथि को स्वस्थ रखने और इससे स्रावित होने वाले हार्मोन्स के कार्यों को बेहतर बनाए रखने में किन योगासनों का नियमित अभ्यास करना आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकता है?
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सर्वांगासन योग के लाभ - फोटो : Pixabay
सर्वांगासन योग के लाभ

सर्वांगासन के नियमित अभ्यास की आदत शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकता है। पैरों और कंधों को टोन करने के साथ गर्दन  से अतिरिक्त तनाव को दूर करने तथा थायरॉइड और पेट के अंगों को उत्तेजित करने के लिए नियमित तौर पर इस योग का अभ्यास किया जा सकता है। हाइपो और हाइपरथायरायडिज्म दोनों ही स्थितियों के लिए इस योग के अभ्यास को अच्छा माना जाता है। तनाव को दूर करने के साथ रजोनिवृत्ति से संबंधित जटिलताओं को कम करने में भी इस योग का अभ्यास करना लाभकारी हो सकता है।
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मत्सयासन योग करने के फायदे - फोटो : Pixabay
मत्सयासन योग का अभ्यास

मत्सयासन या फिश पोज योग का अभ्यास, शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों छाती, एब्स, हिप फ्लेक्सर्स और गर्दन को स्ट्रेच करने से लेकर हार्मोंन्स के संतुलन को बेहतर बनाए रखने के लिए सहायक माना जाता है। यह गर्दन की समस्याओं से परेशान लोगों के लिए भी कारगर योगाभ्यास हो सकता है। गर्दन में मौजूद थायरॉइड ग्रंथि को उत्तेजित करने के साथ कंधों और मस्तिष्क के लिए भी इसे फायदेमंद अभ्यास के तौर पर जाना जाता है। 
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उष्ट्रासन योग करने के फायदे - फोटो : Istock
उष्ट्रासन योग का अभ्यास

उष्ट्रासन योग,  कंधों और पीठ की स्ट्रेचिंग और इसे मजबूत बनाए रखने के साथ छाती को खोलकर श्वसन में सुधार करने और पाचन कार्यों को बेहतर बनाए रखने के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह गर्दन की स्ट्रेचिंग करने के साथ रक्त परिसंचरण को बढ़ाकर थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करता है। पीठ के निचले हिस्से के दर्द से राहत पाने और शारीरिक मुद्रा में सुधार करने के लिए भी इस योग के नियमित अभ्यास की आदत को कारगर माना जाता है। 


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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