करवट लेकर विश्राम करें
- फोटो : AI
शवासन की जगह करवट लेकर विश्राम
गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में आराम और पर्याप्त नींद भी जरूरी हैं। आप तकिये का सहारा लेकर करवट से लेट सकती हैं और सामान्य सांस लेते हुए शरीर को आराम दे सकती हैं। लंबे समय तक पीठ के बल लेटने के बजाय आरामदायक स्थिति चुनें। यदि चक्कर, सांस लेने में परेशानी या बेचैनी हो तो अपनी स्थिति बदलें
गर्भावस्था में योग करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
योग शुरू करने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे जरूरी है, खासकर गर्भावस्था की पहली तिमाही में।
- जोरदार योगासन न करें: पेट पर दबाव डालने वाले आसन, गहरे ट्विस्ट, उल्टे आसन और कठिन संतुलन वाले अभ्यासों से बचें।
- सांस न रोकें: सांस रोककर रखने, तेजी से सांस लेने और जोर लगाने वाले प्राणायाम का अभ्यास न करें।
- गर्म वातावरण में योग न करें: हॉट योग और अत्यधिक गर्म जगह पर व्यायाम करने से बचें।
- शरीर के संकेत समझें: थकान, चक्कर, दर्द या असहजता होने पर तुरंत रुक जाएं।
- खुद पर दबाव न डालें: गर्भावस्था में योग का उद्देश्य लचीलापन बढ़ाने की बजाय आराम और सहज गतिविधि बनाए रखना है।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
योनि से खून आने, पेट में तेज या लगातार दर्द होने, बेहोशी जैसा महसूस होने, सीने में दर्द या सांस लेने में असामान्य परेशानी होने पर व्यायाम बंद करें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
ध्यान रखें कि योग गर्भावस्था को स्वस्थ बनाए रखने वाली दिनचर्या का हिस्सा हो सकता है, लेकिन यह गर्भावस्था की जटिलताओं को रोकने या बच्चे के स्वस्थ होने की गारंटी नहीं देता।