फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

योग टिप्स: प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में करें ये 5 हल्के योग अभ्यास, इन बातों का भी रखें ध्यान

Sat, 10 Oct 2026 06:30 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Early Pregnancy Yoga: अगर आपकी गर्भावस्था शुरुआती चरण में है और डॉक्टर ने हल्की गतिविधियों की अनुमति दी है, तो कुछ आसान और आरामदायक योग अभ्यास आपकी दिनचर्या का हिस्सा बन सकते हैं।
विज्ञापन
1 of 6
प्रेगनेंसी योग - फोटो : AI
Yoga For Pregnant Women: गर्भावस्था का शुरुआती समय हर महिला के लिए खास होने के साथ-साथ कई बदलाव लेकर आता है। इस दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसके कारण थकान, सुस्ती, बेचैनी, मतली और नींद से जुड़ी परेशानियां महसूस हो सकती हैं। ऐसे में महिलाएं अपनी सेहत का ध्यान रखने के लिए खानपान के साथ-साथ हल्की शारीरिक गतिविधियों को भी दिनचर्या में शामिल करना चाहती हैं। योग इसमें मददगार हो सकता है, लेकिन गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में किसी भी तरह का व्यायाम शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

योग का उद्देश्य गर्भवती महिला को थकाना नहीं, बल्कि उसे शारीरिक और मानसिक रूप से सहज महसूस कराने में मदद करना है। विशेषज्ञ की देखरेख में किया गया हल्का प्रीनेटल योग सांसों पर नियंत्रण, तनाव कम करने और शरीर को आराम देने में सहायक हो सकता है। हालांकि, हर महिला की गर्भावस्था अलग होती है, इसलिए सभी योगासन हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं होते।

अगर आपकी गर्भावस्था शुरुआती चरण में है और डॉक्टर ने हल्की गतिविधियों की अनुमति दी है, तो कुछ आसान और आरामदायक योग अभ्यास आपकी दिनचर्या का हिस्सा बन सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे योग अभ्यासों के बारे में, जिन्हें सही सावधानियों के साथ किया जा सकता है और किन आसनों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
सुखासन - फोटो : इंस्टाग्राम
सुखासन और गहरी सांस लेने का अभ्यास

गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में आराम से बैठकर धीमी और सहज सांस लेने का अभ्यास मानसिक शांति पाने में मदद कर सकता है। इसके लिए पीठ को सहारा देकर आरामदायक स्थिति में बैठें। नाक से सामान्य सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ें। सांस को रोकने या जोर लगाने से बचें। चक्कर या बेचैनी महसूस होने पर अभ्यास रोक दें।
विज्ञापन

3 of 6
बद्धकोणासन योग - फोटो : Adobe
बद्ध कोणासन 

तितली आसन में दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाकर बैठा जाता है। गर्भावस्था में इसे केवल डॉक्टर या प्रशिक्षित प्रीनेटल योग विशेषज्ञ की अनुमति से, बिना जोर लगाए और आरामदायक सीमा में करें। घुटनों को हाथों से दबाकर नीचे न करें और किसी तरह का दर्द होने पर तुरंत रुक जाएं।

4 of 6
मार्जरी आसन - फोटो : Istock
मार्जरी आसन का हल्का रूप (कैट-काउ मूवमेंट)

इस अभ्यास में हाथों और घुटनों के सहारे रहते हुए रीढ़ को बहुत हल्के ढंग से सामान्य स्थिति में लाया जाता है। यह कुछ महिलाओं को पीठ में जकड़न कम करने में मदद कर सकता है। शुरुआती गर्भावस्था में भी इसे तभी करें, जब डॉक्टर अनुमति दें और इससे कोई असहजता न हो। पेट पर दबाव डालने या कमर को जरूरत से ज्यादा मोड़ने से बचें।
विज्ञापन

5 of 6
गर्दन घुमाना - फोटो : adobe
सहारे के साथ बैठकर हल्का स्ट्रेच

दीवार या कुशन का सहारा लेकर बैठना और कंधों को धीरे-धीरे ढीला छोड़ना शरीर को आराम देने का आसान तरीका है। गर्दन और कंधों को बिना झटका दिए सहज रूप से हिलाएं। किसी भी स्ट्रेच में खिंचाव या दर्द महसूस होने तक न जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
करवट लेकर विश्राम करें - फोटो : AI
शवासन की जगह करवट लेकर विश्राम

गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में आराम और पर्याप्त नींद भी जरूरी हैं। आप तकिये का सहारा लेकर करवट से लेट सकती हैं और सामान्य सांस लेते हुए शरीर को आराम दे सकती हैं। लंबे समय तक पीठ के बल लेटने के बजाय आरामदायक स्थिति चुनें। यदि चक्कर, सांस लेने में परेशानी या बेचैनी हो तो अपनी स्थिति बदलें

गर्भावस्था में योग करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

योग शुरू करने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे जरूरी है, खासकर गर्भावस्था की पहली तिमाही में।
  • जोरदार योगासन न करें: पेट पर दबाव डालने वाले आसन, गहरे ट्विस्ट, उल्टे आसन और कठिन संतुलन वाले अभ्यासों से बचें।
  • सांस न रोकें: सांस रोककर रखने, तेजी से सांस लेने और जोर लगाने वाले प्राणायाम का अभ्यास न करें।
  • गर्म वातावरण में योग न करें: हॉट योग और अत्यधिक गर्म जगह पर व्यायाम करने से बचें।
  • शरीर के संकेत समझें: थकान, चक्कर, दर्द या असहजता होने पर तुरंत रुक जाएं।
  • खुद पर दबाव न डालें: गर्भावस्था में योग का उद्देश्य लचीलापन बढ़ाने की बजाय आराम और सहज गतिविधि बनाए रखना है।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

योनि से खून आने, पेट में तेज या लगातार दर्द होने, बेहोशी जैसा महसूस होने, सीने में दर्द या सांस लेने में असामान्य परेशानी होने पर व्यायाम बंद करें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

ध्यान रखें कि योग गर्भावस्था को स्वस्थ बनाए रखने वाली दिनचर्या का हिस्सा हो सकता है, लेकिन यह गर्भावस्था की जटिलताओं को रोकने या बच्चे के स्वस्थ होने की गारंटी नहीं देता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें