International Yoga Day 2025: योग दिवस पर अगर आप कोई सरल लेकिन प्रभावशाली आदत अपनाना चाहते हैं तो सुबह मलासन में बैठकर पानी पीने की आदत जरूर डालें। यह योगासन न सिर्फ शरीर को डिटॉक्स करता है बल्कि आपको दिनभर एक्टिव भी रखता है।
International Yoga Day 2025: हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस दिन योग को अपने जीवन में अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश दिया जाता है। योग के कई आसान और प्रभावी आसनों में से एक मलासन है, जिसे स्क्वाट पोज (Squat Pose) भी कहा जाता है। इस आसन के फायदे गहरे और चौंकाने वाले होते हैं। खासकर अगर आप सुबह के समय मलासन में बैठकर पानी पीते हैं तो शरीर में कई सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगते हैं।
योग दिवस पर अगर आप कोई सरल लेकिन प्रभावशाली आदत अपनाना चाहते हैं तो सुबह मलासन में बैठकर पानी पीने की आदत जरूर डालें। यह योगासन न सिर्फ शरीर को डिटॉक्स करता है बल्कि आपको दिनभर एक्टिव भी रखता है। आइए जानते हैं मलासन की मुद्रा में पानी पीने के फायदों के बारे में।
मलासन क्या है?
मलासन संस्कृत भाषा के शब्द मला से बना है, जिसका अर्थ है मल या विषैले तत्व और आसन का अर्थ है बैठने की विधि। यह आसन शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियों को एक्टिव करता है और पाचन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में बेहद सहायक है। मलासन में बैठकर पानी पीना भारत की पारंपरिक आदतों में से एक है। आयुर्वेद और योग दोनों इसे पाचन और शरीर की सफाई के लिए उपयोगी मानते हैं। आधुनिक रिसर्च के मुताबिक यह तरीका शरीर पर सकारात्मक असर डालता है।
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मलासन के अभ्यास का सही तरीका
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मलासन के अभ्यास का तरीका
स्टेप 1- सबसे पहले सीधे खड़े होकर दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी रखें। स्टेप 2- अब धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ते हुए नीचे बैठें, जैसे आप स्क्वाट कर रहे हों। स्टेप 3- हाथों को जोड़कर नमस्कार मुद्रा में रखें और कोहनियों को घुटनों के अंदर लगाएं। स्टेप 4- कोहनियों से घुटनों को हल्का-हल्का बाहर की ओर दबाएं ताकि रीढ़ सीधी बनी रहे। स्टेप 5- नजर सीधी रखें और कुछ देर इसी अवस्था में गहरी सांस लें।
शुरुआत में 20 से 30 सेकंड से इस आसन के अभ्यास की आदत डालें, फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
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मलासन से पाचन व पेट की समस्या से राहत मिलता है
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मलासन में पानी पीने से मिल सकते हैं ये फायदे
भारत में पारंपरिक तौर पर लोग जमीन पर बैठकर खाना खाते और पानी पीते रहे हैं। लेकिन सुबह खाली पेट मलासन में बैठकर पानी पीने से शरीर पर गहरा प्रभाव डालता है। ऐसा करने के कुछ प्रमुख फायदे हैं,
पाचन तंत्र पर असर
सुबह-सुबह खाली पेट मलासन में बैठकर पानी पीने से पाचन तंत्र सक्रिय रहता है। ऐसा करने से पेट की मांसपेशियां सिकुड़ती और फैलती हैं, जिससे आंतों की क्रिया तेज होती है और पाचन बेहतर होता है।
कब्ज और गैस से राहत
मलासन का अभ्यास कब्ज और गैस की समस्या से राहत दिलाता है। मलासन और पानी दोनों मिलकर आंतों की सफाई में मदद करते हैं और मल त्याग आसान बनाते हैं।
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मलासन से वजन होता है कम
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वजन घटाने में मददगार
रोजाना इस मुद्रा में पानी पीना मेटाबोलिज़्म को तेज करता है, जिससे जिद्दी चर्बी तेजी से घटती है। यह वजन घटाने, पेट की चर्बा कम करने और मोटापे पर प्रभाव डालने में फायदेमंद है।
शरीर के निचले हिस्से की स्ट्रेचिंग
इस मुद्रा में सुबह खाली पेट पानी पीने से शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। यह आसन जांघों, पैरों और घुटनों की ताकत बढ़ाने में सहायक है।
यह आसन रीढ़ को सीधा रखने में मदद करता है और पीठ के निचले हिस्से की जकड़न को दूर करता है। साथ ही जांघों, घुटनों और पीठ को मजबूत बनाता है।
मलासन के लिए सावधानी
मलासन करते समय हमेशा गुनगुना पानी या सामान्य तापमान का पानी ही पीएं। बहुत ज्यादा ठंडा या गर्म पानी नहीं पीना चाहिए।
ध्यान रखें तेज भूख या बहुत थकावट में यह आसन न करें।
घुटने या पीठ की समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लें।
-------------------------- नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।