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आज का योग टिप्स: लॉन्ग कोविड के बढ़ते जोखिम से बचाएंगे ये योगासन, दिनचर्या में जरूर करें शामिल

Fri, 13 May 2022 11:20 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लॉन्ग कोविड की समस्या - फोटो : iStock
वैश्विक स्तर पर जारी कोरोना महामारी ने कई तरह से लोगों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। संक्रमण की गंभीरता के खतरे से लेकर लॉन्ग कोविड की समस्याओं तक, लोगों की सेहत पर कोरोना का गंभीर असर देखने को मिल रहा है। कोविड-19 के जोखिमों के बारे में हाल ही में हुए अध्ययनों में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को लॉन्ग कोविड की जटिलताओं को लेकर अलर्ट रहने की सलाह दी है। लॉन्ग कोविड यानी की संक्रमण से ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक बनी रहने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से है। इसका असर छह महीने से लेकर दो साल तक भी रह सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों को अपने लक्षणों को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए।

लॉन्ग कोविड वाले लोगों में थकान, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द जैसी दिक्कतें अधिक देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आपको भी इस तरह की दिक्कतें महसूस होती रहती हैं तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें। दिनचर्या में योगासनों को शामिल करके भी लॉन्ग कोविड की जटिलताओं को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि इन समस्याओं में कौन से योगासन आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकते हैं?
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प्राणायाम से होने वाले स्वास्थ्य लाभ - फोटो : Pixabay
कपालभाति प्राणायाम

कोरोना संक्रमण के इस दौर में इम्युनिटी को बढ़ाने से लेकर लॉन्ग कोविड के जोखिमों को कम करने तक के लिए कपालभाति प्राणायाम के अभ्यास के लाभ के बारे में पता चलता है। सांस लेने का यह अभ्यास शरीर में ऊर्जा के संचार को बढ़ावा देने के साथ फेफड़े और हृदय के स्वास्थ्य में सुधार करने में काफी मददगार अभ्यास माना जाता है। कपालभाति प्राणायाम, कोविड-19 के दौरान शरीर के अंगों में होने वाली समस्याओं से तेज रिकवरी पाने और शरीर को दोबारा से स्वस्थ बनाने में काफी सहायक है। 
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मार्जरी आसन के क्या लाभ हैं? - फोटो : istock
मार्जरी आसन का अभ्यास

लॉन्ग कोविड के जोखिमों को कम करने के लिए दिनचर्या में मार्जरी आसन के अभ्यास को शामिल करना विशेष लाभप्रद हो सकता है। मार्जरी आसन, पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग करने के साथ रीढ़ और पेट के अंगों से अतिरिक्त तनाव को कम करने और रक्त के संचार को बढ़ाने में काफी सहायक अभ्यास है। मार्जरी आसन, पेट और पीठ की समस्याओं को दूर करने और थकान को कम करने में काफी सहायक योगाभ्यासों में से एक है।
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बटरफ्लाई पोज का अभ्यास - फोटो : istock
बटरफ्लाई पोज

बटरफ्लाई पोज के नियमित अभ्यास की आदत जांघों, कमर और घुटनों की बेहतर स्ट्रेचिंग करने के साथ शरीर के लचीलेपन में सुधार करती है। कोविड संक्रमण के कारण हुई थकान को दूर करने और मांसपेशियों की सक्रियता में सुधार करने में बटरफ्लाई पोज के अभ्यास की आदत आपके लिए काफी सहायक हो सकती है। दिनचर्या में बटरफ्लाई पोज को शामिल करके कोविड-19 के कारण शरीर में होने वाली तमाम जटिलताओं से आसानी से राहत पाने में मदद मिल सकती है। 


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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