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Yoga Tips: जांघ की चर्बी कम करने के लिए इन योगासनों का करिए अभ्यास, संपूर्ण फिटनेस में भी मिलेगा लाभ

Sat, 24 Sep 2022 12:50 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शरीर से अतिरिक्त फैट को कैसे कम करें? - फोटो : iStock
शरीर से अतिरिक्त चर्बी को कम करने के लिए योगासनों को दिनचर्या में शामिल करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। योग के अभ्यास की आदत मानसिक स्वास्थ्य लाभ के साथ शरीर को भी स्वस्थ और फिट बनाए रखने में मददगार हो सकती है। योग विशेषज्ञ कहते हैं, योग के अभ्यास की आदत समग्र स्वास्थ्य, मन, शरीर को भी बेहतर बनाए रखने में काफी लाभकारी होती है। शरीर पर जमा अतिरिक्त फैट कई प्रकार की शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं को कारण भी बन सकती है, ऐसे में इसे कम करने के लिए उपाय किए जाने आवश्यक हो जाते हैं।

योग विशेषज्ञों के मुताबिक दिनचर्या में कुछ प्रकार के आसनों को शामिल करना जांघ के साथ-साथ शरीर से अतिरिक्त फैट को कम करने में आपके लिए सहायक है। योग, शारीरिक फिटनेस को भी बेहतर बनाए रखने का अच्छा तरीका माने जाते हैं।

आइए जानते हैं कि नियमित रूप से किन योगाभ्यासों से जांघ की चर्बी कम करने में मदद मिल सकती है?
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उत्कटासन योग से पैरों को लाभ - फोटो : Pixabay
चेयर पोज योगासन का करें अभ्यास

उत्कटासन योग या चेयर पोज, के नियमित अभ्यास की आदत शारीरिक स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकती है। जांघों की मांसपेशियों को टोन करने और घुटनों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए उत्कटासन योग के अभ्यास की आदत आपके लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकती है। चेयर पोज योग के अभ्यास से जांघों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है जिससे उन्हें आसानी से टोन किया जा सकता है। पैरों के लिए इसे काफी कारगर योगाभ्यास के तौर पर देखा जाता है।
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सेतुबंधासन योग से कम होता है फैट - फोटो : istock
सेतुबंधासन योग का अभ्यास

सेतुबंधासन योग या ब्रिज पोज शरीर के निचले हिस्सों को बेहतर बनाए रखने में काफी लाभकारी हो सकती है। इस योग के नियमित अभ्यास से कमर दर्द को दूर करने और पैरों की मांसपेशियों को टोन करनें में लाभ मिलता है। सेतुबंधासन योग  ग्लूट्स, क्वाड्रिसेप्स और हैमस्ट्रिंग को मजबूत करता है और इसे रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए रखने के लिए काफी कारगर माना जाता है। ब्रिज पोज के अभ्यास की आदत बनाकर पैरों-जांघों से अतिरिक्त चर्बी को भी कम करने में मदद मिल सकती है। 
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वीरभद्रासन योग से होने वाले फायदे - फोटो : Istock
वीरभद्रासन योग से पा सकते हैं लाभ

वीरभद्रासन योग के अभ्यास से शरीर की सभी बड़ी मांसपेशियों के बेहतर स्ट्रेचिंग में मदद मिल सकती है। इस योग के नियमित अभ्यास से आपके कंधे, हाथ, पैर, टखनों और पीठ को मजबूती मिलती है। पैरों की स्ट्रेचिंग से लेकर जांघों पर से अतिरिक्त फैट को कम करने में इस अभ्यास के लाभ हैं। इस योग के अभ्यास की आदत फोकस, संतुलन और स्थिरता में सुधार करने के साथ रक्त परिसंचरण को बेहतर बनाए रखने में भी मददगार मानी जाती है। 



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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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