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World Thyroid Day 2023: थायरॉयड की समस्या को कम करने के लिए करें इन योगासनों का अभ्यास

Thu, 25 May 2023 10:24 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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थायरॉयड के लिए योग - फोटो : pixabay

World Thyroid Day 2023: तनाव के कारण कई तरह की समस्या हो सकती हैं, इसमें हाइपोथायरायडिज्म की शिकायत होना आम है। थायरॉयड गले में स्थित एक छोटी ग्रंथि है, जिससे कई आवश्यक हार्मोन निकलते हैं। ये हार्मोन मेटाबाॅलिज्म, शरीर के तापमान और विकास के लिए जरूरी होते हैं। लेकिन थायरॉयड का स्तर बढ़ने या कम होने से शरीर को नुकसान हो सकता है। थायरॉयड होने पर पीड़ित का वजन कम या अधिक हो सकता है।

थायरॉयड की शिकायत किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। वैश्विक स्तर पर थायरॉयड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। लोगों को थायरॉयड के प्रति जागरूक करने और बचाव के तरीकों के बारे में बताने के उद्देश्य से हर वर्ष 25 मई को वर्ल्ड थायरॉयड डे मनाया जाता है। कुछ योग मुद्राएं थायरॉयड के स्तर को संतुलित करने में सहायक होती हैं। ऐसे में थायरॉयड के स्तर को नियंत्रित करने और स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने के लिए कुछ योगासनों का नियमित अभ्यास करना चाहिए।

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ब्रिज पोज - फोटो : istock
सेतुबंधासन थायरॉयड में असरदार

ब्रिज पोज यानी सेतुबंधासन के अभ्यास के कई लाभ होते हैं। इससे पीठ व रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और थायरॉयड के लक्षणों को कम किया जा सकता है।

सेतुबंधासन के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ी दूरी पर रखते हुए घुटने मोड़ लें। हथेलियों को खोलते हुए हाथ को जमीन पर सटाकर सांस को लें और कमर के हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं। अब सांस छोड़ते हुए पुरानी वाली स्थिति में आ जाएं।
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कोबरा पोज - फोटो : istock
थायरॉयड होने पर करें कोबरा पोज

इस आसन से गले और थायरॉयड को उत्तेजित करने में सहायता मिलती है। कोबरा पोज के अभ्यास के लिए जमीन पर लेटकर हथेलियों को फर्श पर कंधे की चौड़ाई से अलग करें। सांस लेते हुए छाती को फर्श से उठाएं और छत की ओर देखें। शरीर को दोबारा फर्श पर ले जाएं और योग को दोहराएं।

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मार्जरी आसन - फोटो : istock
कैट-काउ पोज

थायरॉयड की समस्या को नियंत्रित करने के लिए कैट काऊ पोज का अभ्यास करें। इस आसन से गले में रक्त के प्रवाह को निरंतर जारी रखने में फायदा मिलता है। इस आसन को करने के लिए कलाइयों और घुटनों को मोड़कर जानवरों जैसी मुद्रा बना लें। गहरी सांस लें और छोड़ें। रोजाना 10 मिनट यह अभ्यास करें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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