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World Asthma Day 2026: क्या अस्थमा में योग करना सुरक्षित है? जानिए फायदे और सावधानियां

Sun, 03 May 2026 07:00 AM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Asthma Yoga Benefits: अस्थमा के मरीज योगासन कर सकते हैं, लेकिन सही तकनीक और सावधानी के साथ। प्राणायाम और हल्के योगासन फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने, सांस लेने में सुधार करने और तनाव कम करने में मदद करते हैं, जिससे अस्थमा के लक्षण नियंत्रित हो सकते हैं।
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अस्थमा में योग - फोटो : AI

Asthma Me Konsa Yoga kare: अस्थमा एक क्रॉनिक सांस संबंधी बीमारी है, जिसमें सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकड़न और खांसी जैसी समस्याएं होती हैं। आज के समय में लाखों लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं और बेहतर जीवन जीने के लिए उपायों की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में योग एक प्रभावी और प्राकृतिक उपाय के रूप में सामने आता है।

योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही मन और सांसों को भी संतुलित करता है। खासकर प्राणायाम और कुछ विशेष योगासन फेफड़ों को मजबूत बनाने और सांस की प्रक्रिया को बेहतर करने में मदद करते हैं। हालांकि अस्थमा के मरीजों के लिए हर योगासन सुरक्षित नहीं होता, इसलिए सही जानकारी और सावधानी बेहद जरूरी है।

इस लेख के माध्यम से जानिए कि क्या अस्थमा के मरीज योग कर सकते हैं? योग से अस्थमा में क्या फायदे होते हैं, कौन से योगासन सबसे ज्यादा असरदार हैं और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

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सांस की समस्या - फोटो : Freepik.com

क्या अस्थमा में योग करना सही है?

अस्थमा के मरीज योग कर सकते हैं, लेकिन यह मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। डॉक्टर और योग विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित योगाभ्यास से सांस लेने की क्षमता में सुधार होता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है। हालांकि योग दवाओं का विकल्प नहीं है, लेकिन एक सपोर्टिव थेरेपी के रूप में बेहद उपयोगी है।

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प्राणायाम - फोटो : Freepik.com

अस्थमा में योग के फायदे
 

  • योग करने से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बेहतर होता है।
  • योगाभ्यास से सांस की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
  • प्राणायाम जैसे अनुलोम-विलोम और भ्रामरी करने से तनाव कम होता है जो अस्थमा ट्रिगर का एक बड़ा कारण है।
  • इसके अलावा योग से इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है।

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सेतुबंधासन - फोटो : Istock

अस्थमा मरीद कौन से योगासन करें?
 

अस्थमा मरीजों के लिए कुछ योगासन असरदार हैं। जैसे,

  • भुजंगासन
  • सेतुबंधासन
  • मार्जारी-आसन
  • बालासन


ये चार योगासन फायदेमंद माने जाते हैं। ये आसन छाती को खोलते हैं और सांस लेने में आसानी देते हैं। साथ ही प्राणायाम जैसे कपालभाति (हल्के स्तर पर) और अनुलोम-विलोम बेहद असरदार हैं।

 

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सांस की समस्या - फोटो : Adobe Stock

किन योगासन से बचें?

तेज और ज्यादा मेहनत वाले योगासन या ज्यादा देर सांस रोकने वाले अभ्यास अस्थमा मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। खासकर अगर आपकी हालत गंभीर है, तो बिना विशेषज्ञ की सलाह के कोई नया आसन शुरू न करें।


जरूरी सावधानियां

  • योग हमेशा खाली पेट करें।
  • साफ और शांत वातावरण में अभ्यास करें।
  • यदि योग करते समय सांस फूलने लगे या चक्कर आए, तो तुरंत रुक जाएं।
  • सबसे जरूरी बात, योग शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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