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Yoga For Women: PCOD, पीरियड्स और मेनोपॉज में योग असरदार, डॉक्टर भी मानते हैं इसके फायदे

Sat, 18 Apr 2026 01:17 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Yoga Benefits For Hormonal Balance: योग पीसीओडी, पीरियड्स की अनियमितता और Menopause के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। यह हार्मोन संतुलन, तनाव कम करने, ब्लड सर्कुलेशन सुधारने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में प्रभावी माना जाता है।
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महिलाओं के लिए योग - फोटो : AI

Mahilon Ke Liye Yoga: आजकल महिलाओं को हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी समस्याओं का सामना पहले से ज्यादा करना पड़ रहा है। इनमें पीसीओडी, अनियमित पीरियड्स और मोनोपाॅज जैसी स्थितियां सबसे आम हैं। इन समस्याओं का असर सिर्फ शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।

इन स्वास्थ्य समस्याओं में महिलाओं के लिए दवाओं के साथ ही एक प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका अपनाना बेहद जरूरी है और वह योग है। योग न केवल शरीर को फिट रखता है बल्कि हार्मोन बैलेंस करने, तनाव कम करने और मानसिक शांति देने में भी मदद करता है।

आज के इस लेख में हम जानेंगे कि योग कैसे पीसीओडी, पीरियड्स और मेनोपॉज जैसी समस्याओं में राहत दे सकता है। साथ ही कुछ आसान योगासन और उनके फायदे भी जानिए, जिन्हें आप अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी में शामिल कर सकती हैं।

अगर आप भी बिना साइड इफेक्ट के अपनी सेहत को बेहतर बनाना चाहती हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
 

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बद्धकोणासन योग - फोटो : Adobe

PCOD में योग का असर

पीसीओडी महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है। योग जैसे भुजंगासन और बद्ध कोणासन शरीर में हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। नियमित योग से वजन कंट्रोल में रहता है, जो पीसीओडी मैनेजमेंट में बेहद जरूरी है।

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बितिलासन मार्जरी पोज - फोटो : Adobe Stock

पीरियड्स के दौरान योग कितना सही?

पीरियड्स के दौरान हल्के योगासन जैसे बालासन और बितिलासन करने से पेट दर्द, ऐंठन और थकान में राहत मिलती है। हालांकि इस दौरान ज्यादा कठिन योगासन करने से बचना चाहिए।

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मेनोपॉज - फोटो : Adobe

मेनोपॉज में योग के फायदे

मेनोपाॅज के दौरान महिलाओं को हॉट फ्लैश, जिसमें शरीर के ऊपरी हिस्से जैसे चेहरे, गर्दन और छाती में अचानक तीव्र गर्मी महसूस होती है, मूड स्विंग और नींद की समस्या हो सकती है। योग और प्राणायाम इन लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं और मानसिक शांति प्रदान करते हैं।

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मेनोपॉज - फोटो : Meta AI

तनाव और हार्मोन बैलेंस में योग की भूमिका

हार्मोनल समस्याओं की सबसे बड़ी वजह तनाव होता है। योग और मेडिटेशन कोर्टिसोल लेवल को कम करके शरीर को रिलैक्स करता है, जिससे हार्मोन बैलेंस बेहतर होता है और शरीर स्वस्थ रहता है।

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योग - फोटो : Adobe Stock

रोजाना योग करने के फायदे

रोजाना 20-30 मिनट योग करने से न सिर्फ पीरियड्स नियमित होते हैं बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य में भी सुधार आता है। यह इम्यूनिटी बढ़ाता है और शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है।

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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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