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खेल दिलाएगा तनाव से छुटकारा, शारीरिक और मानसिक रूप से रहेंगे सक्रिय

Wed, 13 Dec 2017 09:40 AM IST
अंशुमाला, ऊर्जा डेस्क/ अमर उजाला
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खेलते नहीं हैं, तो खेलना शुरू कर दीजिए। इससे आप आजीवन फिट रह सकते हैं। जब फिट रहेंगे, तो उम्र भी लंबी हो जाएगी। आपका पसंदीदा खेल कौन सा है, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, कबड्डी या फिर क्रिकेट? चलिए, मान लेते हैं कि आपका पसंदीदा खेल बैडमिंटन है या फिर क्रिकेट, पर क्या यह सिर्फ आपको पसंद है? क्या सिर्फ घर पर बैठे-बैठे इसे टीवी में ही देखने का मजा लेते हैं? बैठकर सिर्फ इन्हें देखना छोड़ दीजिए। घर से बाहर निकलिए और अपने दोस्तों या फिर परिवार के सदस्यों के साथ इन्हें खेलने का भी मजा लीजिए। ऐसा करेंगे, तो न सिर्फ शारीरिक रूप से सक्रिय रहेंगे, बल्कि कई रोगों से भी बचे रहेंगे। कोई भी खेल क्यों न हो, ये सभी कार्डियोरेस्पिरेटरी और मस्कुलर फिटनेस को दुरुस्त रखता है। साथ ही आपकी हड्डियां तो मजबूत होंगी ही, आपकी उम्र भी लंबी होगी।
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तनाव से मिले छुटकारा
खेलेंगे, तो आप शारीरिक और मानसिक रूप से सक्रिय रहेंगे। इससे आपको तनाव नहीं होगा। मन में नकारात्‍मक विचार नहीं आएंगे। जब आप खेलते हैं, तो शरीर में तनाव हार्मोन का स्‍तर कम होता है और एंडोर्फिन का निर्माण अधिक होता है। एंडोर्फिन एक फील गुड हार्मोन है, जो तनाव और अवसाद को दूर रखता है। इससे आप अधिक रिलैक्‍स महसूस करते हैं। शरीर खेल के दौरान अधिक मेहनत करता है। अमेरिकन मनोरोग जर्नल में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, यदि आप बहुत जल्‍दी चिंतित हो जाते हैं और चिंता से पीछा छुड़ाना चाहते हैं, तो हर दिन अपने पसंदीदा खेल को जरूर खेलिए।
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मांसपेशियां एवं हड्डियां बनें मजबूत
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, आपकी मांशपेशियां और हड्डियां भी कमजोर होने लगती हैं। ऐसे में फिजिकल एक्टिविटी मांसपेशियों, हड्डियों एवं जोड़ों को मजबूत बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हो जाती है। प्रतिदिन शाम या सुबह में कम से कम एक घंटा बैडमिंटन, क्रिकेट या फिर बास्केटबॉल आदि खेलें।

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कैंसर से हो बचाव
ब्रिटिश पार्लियामेंटरी ऑफिस ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के अनुसार, स्पोर्ट्स से कोलोन कैंसर होने का खतरा 300 फीसदी तक कम हो सकता है। जो महिलाएं प्रतिदिन कोई भी खेल एक घंटा खेलती हैं, उनमें स्तन और फेफड़े का कैंसर होने की आशंका बहुत हद तक कम हो जाती है। महिलाओं को मोडरेट-इंटेंसिटी स्पोर्ट्स जैसे साइकलिंग और स्विमिंग प्रतिदिन अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। जो लोग सामान्य रूप से निष्क्रिय रहते हैं, उन्हें शुरुआत में किसी भी खेल को कम समय के लिए खेलना चाहिए वरना मांसपेशियों को अंदरूनी चोट पहुंच सकती है।
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नींद आए गहरी
खेल या फिर अन्य कोई शारीरिक गतिविधि से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है। जब आप खेलते हैं, तो आपका शरीर थकता है। शरीर थका रहता है, तो रात में अच्‍छी और गहरी नींद आती है। अगले दिन सुबह आपको तरोताजा महसूस होता है। मानसिक दृष्टिकोण और मूड में सुधार होता है। कोई भी खेल खेलें, सोने से कुछ घंटे पहले ही खेलें, तभी लाभ होगा।
आत्मविश्वास में सुधार- कम उदास या कम चिंतित होने पर, आप खुद को अधिक सकारात्‍मक महसूस करते हैं। इससे आत्‍मविश्‍वास बढ़ता है। यदि आप चाहते हैं कि आपके या आपके बच्चों के आत्‍मविश्‍वास में बढ़ोतरी या सुधार हो, तो अपनी दिनचर्या में खेलों को शामिल जरूर करें।
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अच्छी रहे कार्डियोरेस्पिरेटरी सेहत
यदि आप प्रतिदिन क्रिकेट, फुटबॉल आदि खेलते हैं, तो इससे आपके हृदय, फेफड़े और ब्लड वेसल्स की सेहत में सुधार होता है। फिजिकल एक्टिविटी से कोरोनरी डिजीज और स्ट्रोक का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है।
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खेल मानसिक रूप से फिट रखते हैं
शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए खेलना जरूरी है। इससे आप मानसिक रूप से फिट रहते हैं। खेल से तनाव कम होता है। शारीरिक ऊर्जा और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है। शरीर में न्यूरोट्रांसमीटर या मस्तिष्क रसायन एंडोर्फिन शरीर के उत्पादन को उत्तेजित करते हैं। एंडोर्फिन से मूड में सकारात्मक रूप से परिवर्तन आता है। खेलने-कूदने से भूख बढ़ती है। वजन भी नियंत्रित रहता है। ऐसे में खासकर बच्चों को आउटडोर गेम के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। आप जितनी अधिक शारीरिक गतिविधियों में शामिल रहेंगे, उतनी ही आपकी एकाग्रता में सुधार सुधार होगा। शारीरिक ऊर्जा और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ेगी।

- डॉ. भावना बर्मी, सीनियर क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, दिल्ली
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