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Pranayama Benefits: इन प्राणायाम श्वास अभ्यास से करें दिन की शुरुआत, जानिए तरीका और स्वास्थ्य लाभ

Wed, 29 Jan 2025 12:17 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

हेल्दी और सकारात्मक तरीके से दिल की शुरुआत करने के लिए अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका, कपालभाति, भ्रामरी प्राणायाम को रूटीन में शामिल करें। यहां आपको ऐसे ही प्राणायामों के बारे में बताया जा रहा है जो श्वास अभ्यास के जरिए संपूर्ण शरीर के लिए लाभकारी हैं।
 
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प्राणायाम - फोटो : Freepik.com
Pranayama Benefits: अगर आप दिन की शुरुआत ऊर्जावान और स्वस्थ तरीके से करना चाहते हैं, तो प्राणायाम और श्वास अभ्यास आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकते हैं। ध्यान, योग और प्राणायाम मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए स्थायी तौर पर लाभदायक योग क्रिया है। इसके नियमित अभ्यास से वजन कम होता है, शरीर के अंग सुचारू रूप से क्रियान्वयन करते हैं और आंतरिक अंग भी स्वस्थ रहते हैं। हृदय स्वास्थ्य और मानसिक  स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। वहीं केवल प्राणायाम के अभ्यास मानसिक शांति और फोकस को तो बढ़ाते ही हैं, साथ ही शरीर को डिटॉक्स करने, इम्यूनिटी बढ़ाने और हृदय स्वास्थ्य सुधारने में भी मदद करते हैं।  

हेल्दी और सकारात्मक तरीके से दिल की शुरुआत करने के लिए अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका, कपालभाति, भ्रामरी प्राणायाम को रूटीन में शामिल करें। यहां आपको ऐसे ही प्राणायामों के बारे में बताया जा रहा है जो श्वास अभ्यास के जरिए संपूर्ण शरीर के लिए लाभकारी हैं।
 
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अनुलोम विलोम प्राणायाम - फोटो : Amar Ujala
अनुलोम-विलोम

इसे नाड़ी शुद्धि प्राणायाम भी कहा जा सकता है। इसे श्वसन अभ्यास के लिए एक शांत स्थान पर सुखासन या पद्मासन में बैठकर दाएं हाथ के अंगूठे से दाहिनी नासिका बंद करें और बाईं नासिका से श्वास लें।  
अब अनामिका और छोटी उंगली से बाईं नासिका बंद करें और दाहिनी नासिका से श्वास छोड़ें। यही प्रक्रिया उलटी दिशा में दोहराएं। इस प्रक्रिया को 5-10 मिनट तक करें।  

अनुलोम-विलोम प्राणायाम के फायदे

अनुलोम-विलोम का अभ्यास मानसिक तनाव को कम करता है। फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाता है। एकाग्रता और फोकस बढ़ाता है और हृदय को स्वस्थ रखता है।  
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भस्त्रिका प्राणायाम - फोटो : Amar Ujala
भस्त्रिका प्राणायाम

ऊर्जा देने वाले इस श्वास अभ्यास के लिए रीढ़ सीधी करके बैठें। गहरी सांस लेते हुए जोर से सांस बाहर निकालें।  यह प्रक्रिया तेजी से करें, लेकिन बहुत अधिक बल न लगाएं। इसे 2-5 मिनट तक करें।  

भस्त्रिका प्राणायाम के लाभ

भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास फेफड़ों की शक्ति बढ़ाता है। ऑक्सीजन लेवल सुधारता है। आलस और सुस्ती दूर करता है। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है।  

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कपालभाति प्राणायाम - फोटो : Amar Ujala
कपालभाति प्राणायाम

कपालभाति प्राणायाम को शरीर को डीटॉक्स करने वाला अभ्यास कहा जा सकता है। इसके अभ्यास के लिए पद्मासन में बैठकर कमर सीधी रखें। फिर गहरी सांस लें और फिर पेट को अंदर खींचते हुए तेज़ी से सांस बाहर छोड़ें। यह प्रक्रिया लगातार करते रहें। इसे 5-10 मिनट तक करें।  

कपालभाति के लाभ

 शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालता है।  
 पेट और डायजेस्टिव सिस्टम को मजबूत करता है।  
 चेहरे की चमक बढ़ाता है।  
 वजन घटाने में मदद करता है।  
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Yoga Tips - फोटो : Adobe stock
नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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