उम्र बढ़ने से कमजोरी आना स्वाभाविक है। उम्र अनुभव और समझदारी लेकर आती है, तो वहीं कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी आयु के साथ बढ़ती हैं। 60 के बाद शरीर पहले जैसा तेज नहीं रहता। जोड़ों में दर्द, संतुलन बिगड़ना, अपच की समस्या, डायबिटीज और ब्लज प्रेशर की समस्या अधिकतर बुजुर्गों को हो जाती है। हालांकि सही योगासन अपनाकर संतुलन, लचीलापन और आत्मविश्वास ज़रूर लौटाया जा सकता है। योग शरीर को थकाए बिना स्वस्थ रहने का जरिया है। बढ़ती उम्र में योग जरूरी है। यह शारीरिक सक्रियता बढ़ाता है, मानसिक स्थिति शांत रखता है और अंदरूनी शक्ति प्रदान करता है।
60 की उम्र में बाद शरीर पर कुछ असर होते हैं, जैसे
योग इन सब पर धीरे लेकिन गहराई से काम करता है। योग ध्यान और श्वास के ज़रिये मन को स्थिर करता है, नींद बेहतर करता है और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टि लौटाता है।
योग शुरू करने से पहले ये सावधानियां ज़रूर रखें
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खाली पेट या हल्का भोजन कर योग करें
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तेज़ झटकों वाले आसन न करें
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दर्द होने पर तुरंत रुकें
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कुर्सी या दीवार का सहारा लेने में संकोच न करें
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डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें (अगर कोई बीमारी हो)