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New Year 2026 Yoga For Children: 1 जनवरी से बच्चों को ये योगासन कराएं, पूरे साल रहेंगे स्वस्थ

Fri, 26 Dec 2025 10:04 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

New Year 2026 Yoga For Kids: योग बच्चों को संतुलन सिखाता है। योग शरीर और मन से बच्चे को मजबूत बनाते हैं।अगर 1 जनवरी से योग की शुरुआत कर दी जाए, तो पूरा साल सेहत के नाम हो जाता है।
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नए साल से बच्चों के लिए योगासन - फोटो : Amar ujala
नया साल बच्चों की सेहत और आदतों को सही दिशा देने का सबसे सही समय होता है। आज के दौर में मोबाइल, ऑनलाइन क्लास और स्क्रीन टाइम ने बच्चों के शरीर और मन दोनों को थका दिया है। ऐसे में अगर 1 जनवरी से बच्चों को योग की आदत लग जाए, तो यह उनको जीवनभर के स्वस्थ और सफल बनाने में असरदार हो सकता है। योग बच्चों के लिए मात्र व्यायाम नहीं, अनुशासन, एकाग्रता और आत्मविश्वास सिखाने की भारतीय परंपरा है।

योग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह बच्चों के शरीर को तो मजबूत बनाता ही है, साथ ही उनके मन को भी स्थिर करता है। बिना किसी मशीन, दवा या खर्च के सिर्फ रोज 20-25 मिनट का अभ्यास बच्चों की सेहत में बड़ा बदलाव ला सकता है। उनके मन को एकाग्र, मस्तिष्क को तेज और शार्प बनाता है। यहां बच्चों के लिए सबसे फायदेमंद योगासनों के बारे में जानकारी दी जा रही है, जिसका अभ्यास 1 जनवरी 2026 से शुरू करके दो तीन महीने में ही असर देख सकते हैं।
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ताड़ासन - फोटो : Freepik
ताड़ासन

ताड़ासन सही हाइट और पोस्चर के लिए अच्छा आसन है। यह बच्चों की लंबाई और शरीर के संतुलन के लिए बेहद फायदेमंद है। इसके अभ्यास से रीढ़ सीधी रहती है। पोस्चर सुधरता है और शरीर में लचीलापन बढ़ता है।
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वृक्षासन - फोटो : Adobe
वृक्षासन

यह आसन बच्चों को मानसिक संतुलन सिखाता है। वृक्षासन एकाग्रता और बैलेंस बढ़ाने वाला आसन है। अगर बच्चा रोज इस आसन का अभ्यास करता है तो उसका फोकस बढ़ता है। आत्मविश्वास मजबूत होता है और घुटनों व पैरों में मजबूती आती है। 

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भुजंगासन का अभ्यास करती मलाइका अरोड़ा - फोटो : instagram
भुजंगासन 

यह आसन इम्यूनिटी और पाचन को दुरुस्त रखने में असरदार है। इसका अभ्यास बच्चों के पाचन तंत्र को सक्रिय करता है। इम्यून सिस्टम मजबूत बनाने के साथ ही पेट संबंधी समस्याओं में राहत देता है और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है।
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बालासन - फोटो : istock
बालासन

पढ़ाई के दबाव में बच्चों के लिए यह आसन बेहद जरूरी है।यह तनाव और थकान दूर करने में मदद करता है। इसके अभ्यास से दिमाग शांत रहता है। नींद बेहतर होती है और चिंता व बेचैनी कम होती है।
 

नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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