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New Year 2025: डायबिटीज और थायराइड के मरीजों को मिल सकती है 2025 में राहत, रोज ये योगासन करने की खा लें कसम

Wed, 01 Jan 2025 09:41 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

असरदार योग के नियमित अभ्यास की आदत बनाएं। यहां कुछ योगासन बताए जा रहे हैं जो थायराइड और डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। साल 2025 की इन योगासनों का अभ्यास शुरू कर दें।
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थायराइड और डायबिटीज के लिए योग - फोटो : Amar ujala
New Year 2025 Yoga Asanas For Diabetes: डायबिटीज और थायराइड के मरीजों के लिए योग बहुत फायदेमंद हो सकता है। योग ऐसी बीमारियों से दूर रखने के साथ ही डायबिटीज या थायराइड में होने वाली शारीरिक समस्याओं को भी कम कर सकता है। नियमित योगाभ्यास से न केवल इन बीमारियों के लक्षणों को कम किया जा सकता है, बल्कि शरीर के प्राकृतिक संतुलन को बहाल करने में मदद करता है। योगासन शरीर में हार्मोनल संतुलन बनाए रखते हैं, मेटाबॉलिज्म को सुधारते हैं और रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।  

अगर आप या आपके परिवार में कोई सदस्य थायराइड या डायबिटीज का मरीज है तो साल 2025 में इस रोग से राहत पाने का दृढ़ संकल्प कर लें। इसके लिए असरदार योग के नियमित अभ्यास की आदत बनाएं। यहां कुछ योगासन बताए जा रहे हैं जो थायराइड और डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। साल 2025 की इन योगासनों का अभ्यास शुरू कर दें।
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शवासन - फोटो : Istock
शवासन योग

थायराइड और डायबिटीज दोनों ही समस्या में शवासन का अभ्यास असरदार है। शवासन से शरीर को आराम मिलता है। तनाव दूर होता है और ऊर्जा बढ़ती है। ये आसन रक्तचाप, अनिद्रा और एंग्जायटी से भी राहत दिलाता है। इस आसन से हाई बीपी, नींद न आना, जल्दबाजी, चिड़चिड़ापन, बेचैनी जैसी समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है।

शवासन के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर आंखें बंद कर लें। पैरों को फैलाएं और घुटनों व पंजों को आराम दें। हाथों को शरीर के साथ रखते हुए ध्यान धीरे-धीरे शरीर के हर अंग पर ले जाएं। धीमी और गहरी सांस लें।
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हलासन - फोटो : Freepik
हलासन

हलासन को हल मुद्रा भी कहते हैं। ये एक उल्टा आसन है, जिसे आधुनिक योग में व्यायाम के रूप में किया जाता है। हलासन से वजन कम करने में मदद मिलती है। पाचन में फायदेमंद है। मधुमेह के प्रबंधन में मदद करता है और थायराइड के मरीजों के लिए भी असरदार है। ये रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और त्वचा व बालों के लिए फायदेमंद होता है।

इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेटकर दोनों हाथों को शरीर के पास रखें। हथेलियों को जमीन पर रखते हुए सांस भीतर की तरफ खींचें और पैरों को धीरे से ऊपर उठाएं।  अब पीठ को भी ऊपर उठाते हुए सांस को बाहर छोड़ें। पैरों के पंजों को जमीन से छूने की कोशिश करें और 30  सेकंड इसी स्थिति में बने रहें। बाद में धीरे से पहली वाली अवस्था में लौट आएं।

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धनुरासन - फोटो : pexel
धनुरासन

धनुरासन योग करने से शरीर धनुष के आकार में हो जाता है। कमर का लचीलापन बढ़ता है और कमर व रीढ़ मजबूत होती है। पाचन में सुधार के साथ ही ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। तनाव व थकान दूर होती है, साथ ही गुर्दे के कामकाज में सुधार आता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए धनुरासन  का नियमित अभ्यास काफी फायदेमंद होता है।
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yoga - फोटो : Adobe Stock
नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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