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योग टिप्स: गर्दन और कंधों की जकड़न से परेशान? रोज करें ये 5 आसान योगासन

Wed, 07 Oct 2026 09:35 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

yoga for neck stiffness: योग के कुछ सरल आसन गर्दन, कंधों और ऊपरी पीठ के आसपास की मांसपेशियों को हल्का स्ट्रेच देने में मदद कर सकते हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई अभ्यास घर या ऑफिस में थोड़ी-सी जगह पर किए जा सकते हैं।
 
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गर्दन और कंधे की जकड़न के लिए योग - फोटो : AI

Yoga For Shoulder Pain : लैपटॉप या कंप्यूटर के सामने घंटों बैठना, लगातार मोबाइल चलाना और खराब पोस्चर कई लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। इसका असर अक्सर गर्दन और कंधों पर महसूस होता है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने के बाद गर्दन भारी लगना, कंधों में खिंचाव या ऊपरी पीठ में जकड़न जैसी समस्या परेशान कर सकती है। ऐसे में दिनचर्या में हल्की स्ट्रेचिंग और योग को शामिल करना शरीर को रिलैक्स करने में मदद कर सकता है।

योग के कुछ सरल आसन गर्दन, कंधों और ऊपरी पीठ के आसपास की मांसपेशियों को हल्का स्ट्रेच देने में मदद कर सकते हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई अभ्यास घर या ऑफिस में थोड़ी-सी जगह पर किए जा सकते हैं।

हालांकि योग करते समय शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए। अगर किसी आसन के दौरान दर्द बढ़े, चक्कर आए या असहजता महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं। तेज या लगातार गर्दन दर्द, चोट, हाथ में सुन्नपन या कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर या योग्य फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।

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गर्दन की स्ट्रेचिंग - फोटो : AI

गर्दन का स्ट्रेच करें

आराम से बैठ जाएं और रीढ़ को सीधा रखें। धीरे-धीरे सिर को दाईं ओर झुकाएं और कुछ सेकंड आरामदायक स्थिति में रुकें। फिर दूसरी तरफ यही प्रक्रिया दोहराएं। इसके बाद ठुड्डी को हल्के से छाती की ओर लाएं। किसी भी दिशा में गर्दन को जोर से न खींचें और गोल-गोल घुमाने से बचें, खासकर अगर उससे असहजता होती हो।

फायदा: गर्दन के आसपास हल्की जकड़न में आरामदायक मूवमेंट देने में मदद कर सकता है।

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कंधे का दर्द (मार्जरीआसन) - फोटो : Adobe Stock

मार्जरी आसन-बितिलासन

इसे आमतौर पर कैट-काऊ पोज भी कहा जाता है। चारों हाथ-पैर के बल आएं। सांस लेते हुए रीढ़ को धीरे से ऊपर-नीचे सक्रियता दें और सांस छोड़ते हुए दूसरी दिशा में जाएं। यह अभ्यास गर्दन, कंधों और रीढ़ को मूवमेंट देता है।

ध्यान रखें: गर्दन को पीछे की ओर जरूरत से ज्यादा न मोडें। धीरे-धीरे शरीर को आगे की ओर झुकाएं और माथे को जमीन या किसी आरामदायक सपोर्ट पर रखें। हाथ आगे की ओर फैलाएं।  

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बालासन - फोटो : istock

बालासन

घुटनों के बल बैठकर धीरे-धीरे शरीर को आगे की ओर झुकाएं और माथे को जमीन या किसी आरामदायक सपोर्ट पर रखें। हाथ आगे की ओर फैला सकते हैं या शरीर के पास रख सकते हैं। कुछ सहज सांसों तक इसी स्थिति में रहें।

फायदा: यह आरामदायक मुद्रा शरीर को रिलैक्स करने और ऊपरी शरीर में हल्का स्ट्रेच महसूस करने में मदद कर सकती है।

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कंधे का दर्द (गरुड़ासन) - फोटो : Adobe Stock

गरुड़ासन आर्म स्ट्रेच

गरुड़ासन में पैरों की पूरी मुद्रा करने की जरूरत नहीं है। सिर्फ हाथों की स्थिति को अपनाकर कंधों और ऊपरी पीठ को स्ट्रेच किया जा सकता है।

दोनों हाथ सामने लाएं, एक हाथ को दूसरे के ऊपर क्रॉस करें और संभव हो तो हथेलियों को करीब लाएं। कंधों को ऊपर उठाने के बजाय उन्हें आराम की स्थिति में रखें। कुछ सेकंड रुकने के बाद हाथ बदलकर दूसरी तरफ करें।

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कंधों और गर्दन के दर्द के लिए व्यायाम - फोटो : AI

कंधों का रोल करें

अगर आप लंबे समय तक ऑफिस में बैठे रहते हैं तो यह सबसे आसान मूवमेंट है। कंधों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं, पीछे ले जाएं और फिर नीचे छोड़ें। कुछ बार दोहराएं और फिर दिशान को झटके से न घुमाएं और किसी भी स्ट्रेच को दर्द सहकर करने बदलें।

यह कोई कठिन योगासन नहीं है, लेकिन लंबे समय तक बैठे रहने के दौरान शरीर को मूवमेंट देने का आसान तरीका हो सकता है।


योग करते समय इन बातों का रखें ध्यान

गर्दन और कंधों के लिए योग करते समय धीमी और नियंत्रित मूवमेंट सबसे जरूरी है। गर्दन को झटके से न घुमाएं और किसी भी स्ट्रेच को दर्द सहकर करने की कोशिश न करें। शुरुआत में कम समय और हल्की इंटेंसिटी रखें। अगर आप लंबे समय से व्यायाम नहीं कर रहे हैं तो किसी प्रशिक्षित योग शिक्षक। काम के दौरान समय-समय पर उठकर थोड़ा चलें, स्क्रीन को उचित ऊंचाई पर रखें और कुर्सी पर बैठते से सही तकनीक सीखना बेहतर रहेगा।

 

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