सुखासन
यह योग श्वास-प्रश्वास और ध्यान पर आधारित है। इस योगासन को करने से व्यक्ति के घुटने 90 डिग्री तक मुड़ते हैं। जिसकी वजह से व्यक्ति को दर्द में आराम मिलता है। यह तनाव कम करके मन को एकाग्र करके सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इस योग को करते समय आपका सिर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। अपने दोनों पैरों को तिरछा मोड़ कर बैठें और दोनों हाथों को अपने पैरों पर रखें। इससे आपकी मेटाबॉलिज्म तेज होता है। पैरों में किसी भी प्रकार की समस्या हो तो यह आसन न करें। साइटिका अथवा रीढ़ के निचले भाग के आसपास किसी प्रकार का दर्द हो या घुटने की गंभीर बीमारी में इसका अभ्यास न करें।