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कपालभाति प्राणायाम का रोजाना अभ्यास अस्थमा जैसी सांस की बीमारियों में दिलाएगा राहत

Mon, 07 Dec 2020 09:13 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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yoga - फोटो : social media
दिवाली पर होने वाले प्रदूषण की वजह से सांस के रोगियों के लिए मुश्किल खड़ी हो जाती है। ऐसे में जरूरी है कि अपनी दिनचर्या में कुछ योगासन को शामिल करें। हालांकि ये योगासन घर पर ही किए जाएं तो बेहतर है। अस्थमा के मरीजों को कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास इन दिनों रोजाना करना चाहिए। जिससे कि सांस से जुड़ी तकलीफें उन्हें ना घेरें। तो चलिए जानें कपालभाति प्राणायाम करने का सही तरीका।  
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योगा - फोटो : social media
कैसे करें यह आसन
कपालभाति प्राणायाम करने के लिए सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठ जाएं और अपनी हथेलियों को घुटनों पर रखें। अपनी हथेलियों की सहायता से घुटनों को पकड़कर शरीर को एकदम सीधा रखें। अब अपनी पूरी क्षमता का प्रयोग करते हुए सामान्य से कुछ अधिक गहरी सांस लेते हुए अपनी छाती को फुलाएं। इसके बाद झटके से सांस को छोड़ते हुए पेट को अंदर की ओर खींचे। जैसे ही आप अपने पेट की मांसपेशियों को ढीला छोड़ते हैं, सांस अपने आप ही फेफड़ों में पहुंच जाती है। कपालभाति प्राणायाम को करते हुए इस बात का ध्यान रखें की आपके द्वारा ली गई हवा एक ही झटके में बाहर आ जाए। 

 
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yoga - फोटो : social media
कपालभाति प्राणायाम के फायदे
कपालभाति मानसिक विकारों को दूर कर उसे शांत करने में भी मदद करता है। जैसे सांस को छोड़ते हुए ऐसा लगता है कि समस्त नकारात्मक बातें मन से बाहर निकल रही हैं। कपालभाति प्राणायाम शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है। इस प्राणायाम के करने से खिलाड़ियों के अंदर खेल-कौशल में वृद्धि होती है। अस्थमा रोगियों को इस प्राणायाम के करने से बहुत ही राहत मिलती है। ये आंखों के नीचे के काले घेरों को भी ठीक करता है। कपालभाति प्राणायाम करने से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और वजन कम होने लगता है।
 


 

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योगा - फोटो : social media
और भी हैं फायदे
  • कपालभाति प्राणायाम करने से आंखों के नीचे के काले घेरे ठीक हो जाते हैं।
  • दांतों और बालों संबंधी सभी रोग इस प्राणायाम को करने से दूर हो जाते हैं।
  • इस प्राणायाम के करने से कब्ज, गैस, एसिडिटी जैसी पेट से संबंधित समस्या भी दूर हो जाती है।
  • कपालभाति प्राणायाम से श्वसनमार्ग की सफाई हो जाती है, जिससे श्वसन संबंधी रोग दूर होते हैं।
  • यह प्राणायाम साइनस को शुद्ध करता है तथा मस्तिष्क को सक्रिय करने में मदद करता है।




 
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योगा - फोटो : social media
सावधानियां प्राणायाम करने में
कपालभाति प्राणायाम करते समय आपको कुछ सावधानियां भी बरतनी होगी। इस प्राणायाम का संबंध शरीर से नही दिमाग से होता है। अगर आप गलत तरीकों से इस प्राणायाम को करेंगे तो न्यूरोलॉजिकल समस्या एवं ह्रदय संबंधी रोग हो सकते हैं।

 
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