आप कितना समय ऑफिस में बिताते हैं इस बात का सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है। जानना नहीं चाहेंगे कैसे? हाल ही में हुई एक रिसर्च में ये पता लगा है कि अपना ज्यादातर समय ऑफिस के अंदर बिताने वाले लोगों को विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता है।
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इसे 'सनशाइन विटामिन' के नाम से भी जाना जाता है। हर व्यक्ति में विटामिन डी की कमी का लेवल अगल मात्रा में होता है। जो लोग ज्यादातर समय अंदर रहते हैं उनको दूसरे लोगों के मुकाबले विटामिन डी कम मिलता है।
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रिसर्च से पता चला है कि ऑफिस के अंदर काम करने वाले तीन चौथाई से अधिक कर्मचारियों और 72 फीसदी हेल्थ केयर स्टूडेंट्स में विटामिन डी की कमी पाई जाती है। वहीं, आउटडोर काम करने वाले लोगों के शरीर में विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा मौजूद थी।
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कहीं ऐसा न हो, घंटों एक ही जगह बैठे रहने से आपका शरीर बीमारियों का घर बन जाए। ऑफिस में बैठे-बैठे कॉफी पीने की बजाय थोड़ा समय निकालकर बाहर सूरज की रोशनी लें।
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अगर आप बार-बार बीमार हो रहे हैं, आलस का अनुभव होता है, हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द है, तो अपने विटामिन डी के स्तर की जांच करानी चाहिए। सूर्य की रोशनी से विटामिन डी लेना प्राकृतिक तरीका है।
शरीर में विटामिन डी की कमी का सीधा असर आपके मूड पर पड़ता है। इसकी कमी से शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन के निर्माण पर असर पड़ता है जो आपके बदलते मूड के लिए जिम्मेदार हो सकता है।