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Yoga Day 2026: ओवरथिंकिंग रोकना चाहते हैं? योग विशेषज्ञों ने बताए 5 असरदार योगासन

Wed, 17 Jun 2026 09:55 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

International Yoga Day 2026: क्या रोज 10 मिनट योग करने से तनाव और ओवरथिंकिंग कम हो सकती है? नियमित रूप से 10 मिनट योग, प्राणायाम और ध्यान करने से मानसिक तनाव, चिंता और ओवरथिंकिंग को कम करने में मदद मिल सकती है। यह मन को शांत करता है, एकाग्रता बढ़ाता है और बेहतर नींद में भी सहायक हो सकता है।

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तनाव और चिंता कम करते हैं ये आसन - फोटो : AI

Stress Relief Yoga: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में तनाव, चिंता और ओवरथिंकिंग आम समस्याएं बन चुकी हैं। दफ्तर में काम का दबाव, पढ़ाई का तनाव, आर्थिक चिंताएं और सोशल मीडिया की लगातार मौजूदगी लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। कई लोग रातभर सोचते रहते हैं, छोटी-छोटी बातों को लेकर परेशान रहते हैं और धीरे-धीरे मानसिक थकान का शिकार हो जाते हैं।

ऐसे समय में योग एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय के रूप में सामने आता है। योग केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन को शांत और संतुलित करने की भी कला है। विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना सिर्फ 10 मिनट योग और प्राणायाम करने से तनाव हार्मोन कम हो सकते हैं और मानसिक शांति बढ़ सकती है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यह समझना बेहद जरूरी है कि योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर हम मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। यदि आप भी लगातार चिंता, बेचैनी या ओवरथिंकिंग से जूझ रहे हैं, तो कुछ आसान योगासन और श्वास तकनीकें आपकी मदद कर सकती हैं। आइए जानते हैं कि रोज 10 मिनट का योग आपके जीवन में किस तरह सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

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स्ट्रेस की समस्या - फोटो : Freepik.com

तनाव कम करने में कैसे मदद करता है योग?

 

  • योग शरीर और मन के बीच संतुलन स्थापित करता है।
  • जब हम योगासन और गहरी सांस लेने की क्रियाएं करते हैं, तो शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन का स्तर कम होने लगता है।
  • इससे दिमाग शांत होता है और मानसिक दबाव घटता है।
  • नियमित योग अभ्यास से व्यक्ति खुद को अधिक सकारात्मक और ऊर्जावान महसूस कर सकता है।
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ओवरथिंकिंग के लिए योग - फोटो : AI

ओवरथिंकिंग पर लगती है रोक

 
  • ओवरथिंकिंग की समस्या में व्यक्ति बार-बार एक ही बात के बारे में सोचता रहता है।
  • योग और ध्यान (मेडिटेशन) वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करना सिखाते हैं।
  • इससे अनावश्यक विचारों का प्रवाह कम होता है और मन में स्पष्टता आती है।
  • प्रतिदिन 10 मिनट ध्यान करने से मानसिक स्थिरता विकसित हो सकती है।

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चिंता और घबराहट को करता है नियंत्रित - फोटो : freepik.com

चिंता और घबराहट को करता है नियंत्रित

 

 

  • जब चिंता बढ़ती है तो सांसें तेज हो जाती हैं और शरीर बेचैन महसूस करता है।
  • अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और गहरी श्वास जैसी प्राणायाम तकनीकें नर्वस सिस्टम को शांत करने में मदद करती हैं।
  • इससे दिल की धड़कन सामान्य रहती है और घबराहट कम महसूस होती है।
  • यही कारण है कि मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी योग को सहायक अभ्यास मानते हैं।
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नींद की समस्या - फोटो : Freepik.com

बेहतर नींद और मानसिक आराम

 

 

  • तनाव और ओवरथिंकिंग का सबसे बड़ा असर नींद पर पड़ता है।
  • योग करने से शरीर रिलैक्स होता है और मन शांत होता है, जिससे नींद की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।
  • खासतौर पर शाम के समय कुछ मिनट का योग अभ्यास करने से दिनभर की थकान और मानसिक दबाव कम महसूस होता है।
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सुखासन - फोटो : इंस्टाग्राम

रोज सिर्फ 10 मिनट करें ये आसान योगासन

 
  • ताड़ासन
  • बालासन
  • सुखासन
  • वज्रासन
  • शवासन


मानसिक शांति के लिए ये आसान योगासन किए जा सकते हैं। इसके साथ 2-3 मिनट के दो और प्राणायाम जोड़ने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। शुरुआत में केवल 10 मिनट का अभ्यास भी मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

  • अनुलोम-विलोम
  • भ्रामरी प्राणायाम

नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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