गर्भावस्था
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गर्भावस्था में योग का महत्व
शारीरिक तंदुरुस्ती: योगासन और प्राणायाम करने से शरीर का लचीलापन बढ़ता है। रक्त परिसंचरण सुधरता है, और मांसपेशियों में ताकत आती है। इससे प्रसव के समय कठिनाइयाँ कम होती हैं।
मानसिक शांति: योग ध्यान और श्वास-प्रश्वास तकनीकों से मानसिक तनाव कम होता है, जिससे गर्भवती महिलाओं को मानसिक शांति मिलती है। यह उन्हें प्रसव के लिए मानसिक रूप से तैयार करता है।
स्वास्थ्य समस्याओं का निवारण: गर्भावस्था में अक्सर पीठ दर्द, कब्ज, नींद न आने जैसी समस्याएं होती हैं। योग से इन समस्याओं का निदान होता है।
प्रसव के समय मदद: नियमित योगाभ्यास से प्रसव के समय दर्द और अन्य कठिनाइयाँ कम होती हैं।
पिछले 10 वर्षों से योग के क्षेत्र में कार्यरत योगाचार्य राहुल यदुवंशी कहते हैं, आज की लाइफस्टाइल के मुताबिक तो हर किसी को योग करना चाहिए, लेकिन गर्भवती महिलाओं के योग करने को लेकर बहुत सारे लोगों के मन में कई भ्रांतियां रहती हैं।हालांकि इस अवस्था के लिए अलग-अलग आसन और प्राणायाम होते हैं, जो गर्भवती के लिए बहुत फायदेमंद हो सकते हैं। गर्भवस्था में महिलाओं के लिए ध्यान और प्राणायाम पर अधिक फोकस किया जाता है। कुछ आसन भी हैं जो गर्भावस्था में किए जा सकते हैं।