फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yoga Tips: चाइल्ड पोज योग सिर्फ बच्चों के लिए ही नहीं, सभी उम्र वालों के लिए जरूरी, जानिए इसके क्या फायदे हैं?

Tue, 14 Jun 2022 11:51 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
बालासन योग करने से लाभ - फोटो : Pixabay
सभी आयुवर्ग के लोगों के लिए विशेषज्ञ रोजाना योग-व्यायाम की आदत को बहुत आवश्यक मानते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए रोजाना योगाभ्यास करने की आदत न सिर्फ शरीर को फिट और सक्रिय बनाए रखने में मदद करती है, साथ ही इस आदत को कई प्रकार के रोगों के जोखिम को कम करने वाला भी माना जाता है।

योगासन, शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को बेहतर बनाए रखने में आपकी मदद करते हैं। चाइल्ड पोज या बालासन योग ऐसा ही एक अभ्यास है जिसे योग विशेषज्ञ सभी उम्र के लोगों की सेहत के लिए बहुत कारगर मानते हैं। 

चाइल्ड पोज, इसका नाम भले ही बच्चों के आसन के जैसा लगता हो पर वास्तव में इसे बुजु्र्गों के लिए सबसे सुलभ और फायदेमंद योगाभ्यास के तौर पर जाना जाता है।  योग विशेषज्ञ कहते हैं, बालासन को विशेष रूप से शरीर और दिमाग को आराम देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके अलावा यह अभ्यास पीठ, कूल्हों, जांघों और टखनों की बेहतर स्ट्रेचिंग करने के साथ पीठ और कमर में होने वाले दर्द से राहत दिलाने में काफी फायदेमंद माना जाता है। आइए इस योग से शरीर को होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 4
बालासन योग करने के तरीके - फोटो : Pixabay
चाइल्ड पोज योग कैसे किया जाता है?

बालासन योग का अभ्यास काफी आसान है और इसे हर उम्र के लोग सुलभता के साथ कर सकते हैं। शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य संबंधी लाभ के लिए रोजाना इस योग की आदत बनाना आपके लिए विशेष लाभप्रद माना जाता है। चाइल्ड पोज योग करने के लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठ जाएं। अब सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर ले जाएं और आगे घुटने को मोड़े हुए आगे की तरफ झुकें। हाथो को सीधा फैलाए रखें। कुछ सेकंड्स से लेकर इसी मुद्रा में रहे और फिर वापस वज्रासन में आ जाएं।
विज्ञापन

3 of 4
चाइल्ड पोज करने के फायदे - फोटो : Pixabay
चाइल्ड पोज योग करने के क्या लाभ हैं?
चाइल्ड पोज योग का अभ्यास काफी सरल, पर कई तरह के स्वास्थ्य लाभ वाला माना जाता है। 
  • यह मुद्रा आपकी रीढ़, जांघों, कूल्हों और टखनों की स्ट्रेचिंग के लिए फायदेमंद है।
  • गहरी सांस लेने वाले अभ्यास के साथ बालासन करना, आपके मन को शांत करके चिंता और थकान को कम कर सकती है।
  • बालासन मुद्रा आपके सिर में रक्त परिसंचरण को बढ़ाती है।
  • इस मुद्रा में आपके पेट पर हल्का दबाव पड़ता है जो पाचन को सक्रिय रखने में सहायक है।
  • बालासन आपकी पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों, छाती, हैमस्ट्रिंग और कंधों से अतिरिक्त तनाव को कम करने में सहायक है।
विज्ञापन

4 of 4
बालासन योग की सावधानियां - फोटो : istock
चाइल्ड पोज की सावधानियां

वैसे तो चाइल्ड पोज काफी सरल और कारगर योगाभ्यास है पर कुछ स्थितियों में इसे न करने की सलाह दी जाती है। घुटने या पीठ में दर्द होने पर बालासन करने से बचें। इसके अलावा जिन लोगों को रक्तचाप की समस्या बनी रहती है उनको भी इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए। किसी विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर ही योगासनों को दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहतर माना जाता है। 


------------------------
नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें