शरीर के स्वस्थ रहने के लिए पोषक तत्वों और हार्मोंन्स का संतुलन बना रहना आवश्यक माना जाता है। इसमें होने वाली किसी भी प्रकार की समस्या शरीर में कई प्रकार की दिक्कतों को बढ़ा देती है। विशेषकर हार्मोनल असंतुलन की समस्या पिछले कुछ समय में काफी बढ़ती हुए देखी गई है। हार्मोन्स एक प्रकार के रसायन हैं जो विशेष कोशिकाओं द्वारा स्रावित होते रहते हैं। आमतौर पर अंतःस्रावी ग्रंथियों के भीतर इनका निर्माण होता है और यह रक्तप्रवाह के माध्यम से शरीर के विभिन्न हिस्सों में संदेश भेजने का काम करते हैं। इसमें होने वाले असंतुलन की समस्या संपूर्ण शारीरिक कार्यप्रणाली को बाधित कर सकती है।
हार्मोनल असंतुलन की स्थिति में शरीर में कई प्रकार के लक्षण नजर आने लगते हैं, जैसे वजन बढ़ना,कंधों के बीच चर्बी का बढ़ना-कूबड़, अस्पष्टीकृत थकान, मांसपेशियों में कमज़ोरी और दर्द जैसी समस्याएं। विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर में हार्मोंन्स के संतुलन को गड़बड़ाने से बचाने के लिए नियमित रूप से योग-व्यायाम की आदत आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकती है। योग के अभ्यास की आदत हार्मोनल असंतुलन की समस्या को ठीक करने में मदद करते हैं।