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Yoga Tips: हार्मोनल असंतुलन से बिगड़ सकता है शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, ये योगासन हैं आपके लिए फायदेमंद

Sun, 12 Jun 2022 12:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हार्मोनल असंतुलन की बढ़ती समस्या - फोटो : iStock
शरीर के स्वस्थ रहने के लिए पोषक तत्वों और हार्मोंन्स का संतुलन बना रहना आवश्यक माना जाता है। इसमें होने वाली किसी भी प्रकार की समस्या शरीर में कई प्रकार की दिक्कतों को बढ़ा देती है। विशेषकर हार्मोनल असंतुलन की समस्या पिछले कुछ समय में काफी बढ़ती हुए देखी गई है। हार्मोन्स एक प्रकार के रसायन हैं जो विशेष कोशिकाओं द्वारा स्रावित होते रहते हैं। आमतौर पर अंतःस्रावी ग्रंथियों के भीतर इनका निर्माण होता है और यह रक्तप्रवाह के माध्यम से शरीर के विभिन्न हिस्सों में संदेश भेजने का काम करते हैं। इसमें होने वाले असंतुलन की समस्या संपूर्ण शारीरिक कार्यप्रणाली को बाधित कर सकती है। 

हार्मोनल असंतुलन की स्थिति में शरीर में कई प्रकार के लक्षण नजर आने लगते हैं, जैसे वजन बढ़ना,कंधों के बीच चर्बी का बढ़ना-कूबड़, अस्पष्टीकृत थकान, मांसपेशियों में कमज़ोरी और दर्द जैसी समस्याएं। विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर में हार्मोंन्स के संतुलन को गड़बड़ाने से बचाने के लिए नियमित रूप से योग-व्यायाम की आदत आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकती है। योग के अभ्यास की आदत हार्मोनल असंतुलन की समस्या को ठीक करने में मदद करते हैं।
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भुजंगासन योग करने के लाभ - फोटो : Istock
भुजंगासन योग के लाभ

हार्मोनल असंतुलन से बचाव या जिन लोगों को यह समस्या है उसके जोखिम को कम करने के लिए भुजंगासन योग के अभ्यास की आदत काफी फायदेमंद हो सकती है। नियमित रूप से भुजंगासन योग का अभ्यास थायराइड फंक्शन और ओवरी की स्थिति में सुधार करने में भी मदद करता है, जिससे हार्मोन्स की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा यह योगासन पीठ और कमर दर्द की दिक्कतों को कम करने के साथ पेट के अंगों को स्वस्थ रखने में भी सहायक माना जाता है। 
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शलभासन योग के फायदे - फोटो : istock
शलभासन योग के फायदे

शलभासन योग के नियमित अभ्यास की आदत भी आपमें हार्मोंनल इंबैलेंस की दिक्कतों को कम करने में काफी मददगार हो सकती है। विशेषकर हार्मोनल असंतुलन के कारण महिलाओं में होने वाली पीसीओएस जैसी दिक्कतों के जोखिम को कम करने में इस योग के अभ्यास की आदत काफी लाभकारी हो सकती है। शलभासन योग का नियमित अभ्यास शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में भी कई प्रकार से फायदेमंद है। 
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उष्ट्रासन योग से होने वाले लाभ - फोटो : Istock
कैमल पोज से मिलता है लाभ

जिन लोगों को हार्मोनल समस्याएं होती हैं, विशेषज्ञ उन्हें कैमल पोज के नियमित अभ्यास की सलाह देते हैं। कैमल पोज या उष्ट्रासन, हार्मोनल असंतुलन के कारण मासिक धर्म चक्र में होने वाली अनियमितता को कम करने के साथ शरीर के अंगों में रक्त के संचार को ठीक बनाए रखने में काफी सहायक है। रोजाना इस योग के अभ्यास की आदत बनाकर आपको कई प्रकार से लाभ मिल सकता है। 


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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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