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High BP Yoga : क्या हाई बीपी में योग करना सुरक्षित है? जानें किन अभ्यासों से करें शुरुआत

Wed, 12 Aug 2026 03:59 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

High BP COntrol Yoga Tips: हाई बीपी वाले लोग डॉक्टर की सलाह के बाद हल्का योग, आसान स्ट्रेचिंग, सहज श्वास अभ्यास और शवासन जैसे अभ्यास अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। कठिन आसन, अत्यधिक जोर लगाने वाली तकनीक और लंबे समय तक सांस रोकने वाले अभ्यास बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करने चाहिए। योग को बाीपी की दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
 
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उच्च रक्तचाप वालों के लिए योग - फोटो : Ai

High BP Yoga: उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) आज एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। बदलती जीवनशैली, तनाव, कम शारीरिक गतिविधि और खान-पान की आदतें इसके जोखिम को बढ़ा सकती हैं। ऐसे में दवाओं के साथ-साथ जीवनशैली में बदलाव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी वजह से बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि क्या हाई बीपी में योग किया जा सकता है और कौन से योगासन अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते हैं?

योग गुरु कुछ लोगों में ब्लड प्रेशर को काबू में रखने के लिए योग को सहायक मानते हैं। खासकर योग में शामिल शारीरिक गतिविधि, नियंत्रित श्वास और तनाव कम करने वाली तकनीकें जीवनशैली सुधार का हिस्सा बन सकती हैं। हालांकि, योग को हाई ब्लड प्रेशर की दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

हाई बीपी वाले व्यक्ति के लिए योग का मतलब कठिन आसन करना या शरीर को ज्यादा खींचना नहीं है। शुरुआत हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार हल्के अभ्यासों से करनी चाहिए। खासकर अगर ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा रहता है, हृदय से जुड़ी बीमारी है, चक्कर आते हैं या पहले से कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर और प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

आइए जानते हैं हाई बीपी में योग करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और शुरुआत किस तरह के आसान अभ्यासों से की जा सकती है।


हाई बीपी में योग क्यों हो सकता है मददगार?
 

  • हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए केवल एक उपाय पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होता।
  • नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित खान-पान, वजन को नियंत्रित रखना, तनाव कम करना और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सही तरीके से सेवन महत्वपूर्ण है।
  • अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन भी ब्लड प्रेशर मैनेजमेंट के लिए शारीरिक गतिविधि और तनाव कम करने वाली गतिविधियों में योग, ध्यान और नियंत्रित श्वास को शामिल करती है। 
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ताड़ासन - फोटो : Amar ujala

ताड़ासन
 

  • अगर आपने हाल ही में योग शुरू किया है तो ताड़ासन जैसे सरल खड़े होकर किए जाने वाले अभ्यास से शुरुआत की जा सकती है।
  • सीधे खड़े होकर दोनों पैरों पर शरीर का वजन समान रखें।
  • रीढ़ को सहज रूप से सीधा रखें और कंधों को ढीला छोड़ें।
  • इस दौरान सांस सामान्य रखें।
  • शरीर पर अनावश्यक दबाव डालने या सांस रोकने की कोशिश न करें।
  • इस तरह के सरल अभ्यास शुरुआती लोगों को शरीर की मुद्रा और संतुलन पर ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकते हैं।

ध्यान रखें: अभ्यास के दौरान चक्कर, कमजोरी, सीने में असहजता या सांस लेने में परेशानी महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं।

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गर्दन की स्ट्रेचिंग - फोटो : AI

हल्की स्ट्रेचिंग को बनाएं योग रूटीन का हिस्सा

  • हाई बीपी वाले व्यक्ति को योग शुरू करते समय सीधे कठिन आसनों पर जाने की जरूरत नहीं है।
  • हल्की स्ट्रेचिंग और सहज शारीरिक गतिविधियों से शुरुआत करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
  • गर्दन, कंधे, हाथ और पैरों की हल्की स्ट्रेचिंग करते समय शरीर को झटका न दें। हर मूवमेंट आरामदायक सीमा में ही करें।
  • योग का अभ्यास जितना सहज रहेगा, उतना ही आप अपनी दिनचर्या में इसे लंबे समय तक शामिल कर पाएंगे।

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शवासन - फोटो : इंस्टाग्राम

शवासन से दें शरीर और मन को आराम

  • योग में शवासन का इस्तेमाल शरीर को आराम देने और अभ्यास के बाद रिलैक्स होने के लिए किया जाता है।
  • हाई बीपी वाले लोगों के लिए भी योग सत्र में रिलैक्सेशन का हिस्सा उपयोगी हो सकता है।
  • पीठ के बल आराम से लेटें, शरीर को ढीला छोड़ें और सांस को उसके प्राकृतिक तरीके से चलने दें।
  • इस दौरान किसी तरह का दबाव बनाने या सांस रोकने की जरूरत नहीं है।
  • तनाव को नियंत्रित करना हाई ब्लड प्रेशर मैनेजमेंट का महत्वपूर्ण हिस्सा है और योग जैसी गतिविधियां तनाव प्रबंधन में मदद कर सकती हैं। 
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अनुलोम विलोम प्राणायाम - फोटो : Amar Ujala

प्राणायाम में रखें खास सावधानी

  • हाई बीपी होने पर हर तरह का प्राणायाम अपने आप करना सही नहीं है।
  • खासकर ऐसी ब्रीदिंग टेक्नीक जिनमें लंबे समय तक सांस रोकनी पड़े या बहुत जोर लगाना पड़े, उन्हें बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए।
  • शुरुआत में सामान्य और सहज श्वास पर ध्यान देना बेहतर है। सांस को जबरदस्ती लंबा करने या रोकने की कोशिश न करें।
  • यदि किसी श्वास व्यायाम के दौरान चक्कर, बेचैनी या सांस लेने में परेशानी महसूस हो तो तुरंत अभ्यास बंद कर दें।
  • बीपी को नियंत्रित रखने के लिए अनुलोम-विलोम, चंद्रभेदी, भ्रामरी और शीतली प्राणायाम का अभ्यास कर सकते हैं।
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योग के दौरान इन गलतियों से बचें - फोटो : Ai

हाई बीपी में योग करते समय इन गलतियों से बचें

 

  • सांस बिल्कुल न रोकें

योग या किसी भी व्यायाम के दौरान सांस रोकना उचित नहीं है। सांस को सहज बनाए रखना जरूरी है। खासकर हाई बीपी वाले लोगों को जबरन सांस लेना या लंबे समय तक सांस रोकने वाली तकनीकों से सावधानी बरतनी चाहिए।

  • कठिन आसनों की जल्दबाजी न करें

शीर्षासन, सर्वांगासन या अन्य कठिन उल्टे आसनों को देखकर उन्हें तुरंत दोहराने की कोशिश न करें। हाई बीपी वाले व्यक्ति को कुछ आसनों में बदलाव या परहेज की जरूरत हो सकती है। 

  • शरीर पर जबरदस्ती दबाव न डालें

योग में लचीलेपन की तुलना दूसरे व्यक्ति से करने की जरूरत नहीं है। शरीर जितना सहजता से अनुमति दे, उतना ही अभ्यास करें।

  • दवा खुद से बंद न करें

योग करने के बाद अगर ब्लड प्रेशर की रीडिंग बेहतर आती है, तब भी अपनी दवा की मात्रा कम या बंद करने का फैसला खुद न लें। उपचार में बदलाव डॉक्टर की सलाह से ही होना चाहिए।
 

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डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। हाई BP या किसी अन्य बीमारी की स्थिति में योग और व्यायाम शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।

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