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Gut Health Yoga: गट हेल्थ सुधारने के लिए रोज करें ये 5 योगासन, एसिडिटी और गैस से मिल सकती है राहत

Wed, 15 Jul 2026 01:13 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Yoga For Digestion And Acidity : गट हेल्थ और एसिडिटी के लिए कौन-से योगासन फायदेमंद हैं?
गट हेल्थ और एसिडिटी से राहत पाने के लिए वज्रासन, पवनमुक्तासन, मार्जरी-व्याघ्रासन (कैट-काउ), अर्ध मत्स्येन्द्रासन और बालासन का नियमित अभ्यास किया जा सकता है। ये योगासन पाचन तंत्र को सक्रिय करने, गैस और पेट की असहजता कम करने तथा तनाव घटाने में सहायक हो सकते हैं।
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एसिडिटी योग रिलीफ - फोटो : AI

Acidity Relied Yoga Asanas: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान, देर रात तक जागना और तनाव जैसी आदतों का सबसे ज्यादा असर हमारी गट हेल्थ पर पड़ता है। इसका परिणाम एसिडिटी, गैस, अपच, पेट फूलना और कब्ज जैसी समस्याओं के रूप में सामने आता है। कई लोग इन परेशानियों से राहत पाने के लिए बार-बार दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन अगर समस्या की जड़ पर ध्यान दिया जाए तो योग एक प्रभावी सहायक उपाय साबित हो सकता है।

योग केवल शरीर को लचीला बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, तनाव कम करने और आंतों की कार्यक्षमता को संतुलित रखने में भी मदद करता है। कुछ योगासन पेट के अंगों पर हल्का दबाव बनाकर रक्त संचार को बेहतर करते हैं और पाचन क्रिया को सक्रिय करने में सहायक हो सकते हैं। हालांकि, यदि आपको लगातार एसिडिटी, तेज पेट दर्द या कोई गंभीर पाचन संबंधी बीमारी है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

अगर आप रोजाना सिर्फ 15-20 मिनट इन योगासनों का अभ्यास करते हैं, तो समय के साथ पाचन तंत्र बेहतर रखने और एसिडिटी की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।

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Vajrasana - फोटो : pexel

वज्रासन 

वज्रासन एक ऐसा योगासन है जिसे भोजन के बाद भी किया जा सकता है। यह पाचन तंत्र को सक्रिय करने और गैस व एसिडिटी की समस्या को कम करने में मददगार माना जाता है।


कैसे करें?

  • घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठ जाएं।

  • पीठ सीधी रखें।

  • दोनों हाथ घुटनों पर रखें।

  • 5–10 मिनट तक सामान्य सांस लेते रहें।


फायदा

भोजन के पाचन में सहायता और पेट की असहजता कम करने में मदद।

 

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पवनमुक्तासन - फोटो : Freepik

पवनमुक्तासन 

यह आसन पेट में फंसी गैस को बाहर निकालने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए लोकप्रिय माना जाता है।


कैसे करें?

  • पीठ के बल लेट जाएं।

  • दोनों घुटनों को मोड़कर सीने से लगाएं।

  • हाथों से घुटनों को पकड़ें।

  • 20-30 सेकंड तक स्थिति बनाए रखें।


फायदा: गैस, पेट फूलना और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत दिलाने में सहायक।

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बालासन - फोटो : istock

बालासन 

बालासन एक रिलैक्सिंग योग मुद्रा है, जो तनाव कम करने और शरीर को आराम देने में मदद करती है। तनाव कम होने से कई लोगों में एसिडिटी के लक्षण भी कम हो सकते हैं।


कैसे करें?

  • घुटनों के बल बैठें।

  • शरीर को आगे झुकाकर माथा जमीन पर रखें।

  • हाथ सामने या पीछे रखें।

  • 1-2 मिनट तक सामान्य सांस लें।

फायदा: मानसिक शांति और पाचन तंत्र को आराम।

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मार्जरी आसन - फोटो : Istock

मार्जरी-व्याघ्रासन 

यह योगासन रीढ़ की हड्डी के साथ-साथ पेट के अंगों को भी सक्रिय करता है।


कैसे करें?
 

  • दोनों हाथ और घुटनों के बल आएं।

  • सांस लेते हुए कमर नीचे करें और सिर ऊपर उठाएं।

  • सांस छोड़ते हुए पीठ को गोल करें और ठुड्डी अंदर करें।

  • 10–15 बार दोहराएं।


फायदा: पाचन तंत्र और तनाव दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है

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अर्ध मत्स्येन्द्रासन - फोटो : Freepik

अर्ध मत्स्येन्द्रासन 

यह ट्विस्टिंग योगासन पेट के अंगों की हल्की मालिश करता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

कैसे करें?
 

  • पैरों को सामने फैलाकर बैठें।

  • एक पैर मोड़कर दूसरे पैर के बाहर रखें।

  • शरीर को उसी दिशा में मोड़ें।

  • 20–30 सेकंड रुकें और दूसरी तरफ दोहराएं।


फायदा: पाचन को बेहतर बनाने और शरीर में लचीलापन बढ़ाने में सहायक है।

 
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