प्रतीकात्मक तस्वीर
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सूर्यभेदी प्राणायाम
सूर्यभेदी प्राणायाम खांसी, दमा, साइनस, लंग्स औप हृदय के लिए बहुत लाभदायक है। इस प्राणायाम के नियमित अभ्यास से शरीर में सकारात्मक विचारों का संचार होता है और मन को शांति मिलती है। सूर्यभेदी प्राणायाम करने के लिए आप सुखआसन या पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब अपने बाएं हाथ की अंगुलियों को बाएं पैर पर ज्ञान मुद्रा में रखें। इसके बाद दाएं हाथ की दो अंगुलियों का इस्तेमाल करते हुए नाक के बाएं छिद्र को बंद कर लें। अब नाक के दाएं छिद्र से बिना आवाज किए सांस को अंदर भरें और अंगुलियों से नाक के दाएं छिद्र को भी बंद कर लें। अब अपना क्षमता के अनुसार सांस को रोकें। इसके बाद नाक के बाएं छिद्र पर रखीं अंगुलियों को हटाते हुए सांस को बाहर छोड़ें। इस तरह से प्राणायाम का एक चक्र पूरा हो जाएगा। कम से कम रोजाना 10 चक्र का अभ्यास करें।