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प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए नियमित रूप से करें ये योगासन

Sat, 23 Jan 2021 09:45 AM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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योग का अभ्यास करें - फोटो : pixabay

कई सारे लोग प्रजनन क्षमता को लेकर बहुत निराश रहते हैं। ऐसे में उन्हें परेशान होने की बजाय योग की सहायता लेना चाहिए। योग शरीर के लचीलेपन को बेहतर करके रक्त प्रवाह को बढ़ाने का काम करता है जिससे कि समय के साथ प्रजनन क्षमता में भी सुधार होता है। यदि महिलाएं लंबे समय से गर्भधारण को लेकर संघर्ष कर रही हैं तो महंगी दवाओं पर निर्भर होने की बजाय योग का अभ्यास करें। प्रतिदिन यदि आधा घंटा समय भी आपने योग को दे दिया तो अपने आप ही प्रजनन क्षमता में सुधार होने लगेगा। अगली स्लाइड्स से जानिए किन आसनों को करने से प्रजनन क्षमता होती है विकसित। 

 

 

 

 

 

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उत्तानासन - फोटो : yoga

उत्तानासन
प्रजनन क्षमता बढ़ाने में उत्तानासन लाभदायक है। इसे करने से आपकी कोशिकाओं में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है, साथ ही यह दिमाग को भी स्वच्छ रखता है। साथ ही यह पीठ के निचले हिस्से में मांसपेशियों को फैलाता है और अंत: स्रावी तंत्र में हार्मोनल संतुलन को बनाए रखता है। इसे करना बहुत ज्यादा कठिन भी नहीं होता है। प्रतिदिन आसन को 15 सेकंड करने से परिणाम बहुत अच्छे मिलते हैं।

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बटरफ्लाई पोज - फोटो : social media

बटरफ्लाई पोज
बटरफ्लाई पोज को करने से कूल्हों और आंतरिक जांघ के लचीलेपन में सुधार आता है। महिलाएं इसे गर्भावस्था के समय भी करती हैं। कहा जाता है कि गर्भावस्था में इसे करने से प्रसव आसानी से होता है, किसी प्रकार की कोई मुश्किल नहीं आती है। तनाव और विषाक्त पदार्थ जो कि मनुष्य के कूल्हे क्षेत्र में केंद्रित होते हैं। इस आसन को करने के बाद मनुष्य उनसे भी मुक्त हो जाता है। 

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मार्जरी आसन - फोटो : social media

मार्जरी आसन
मार्जरी आसन को कैट पोज भी कहा जाता है। यह नाम संस्कृत के शब्द मरजा अर्थात बिल्ली एवं आसन को जोड़कर तैयार किया गया है। इस आसन को करते वक्त मनुष्य की आकृति बिल्ली के समान होती है। इस आसन को करने से रीढ़, कूल्हों और पेट में गर्माहट रहती है। इस आसन को करना बेहद आसान होता है। इसे प्रतिदिन 15 दिन तक 2 मिनट तक करके देखें, जल्दी ही परिणाम आप खुद से देख सकेंगे। 

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बालासन - फोटो : social media

बालासन
बालासन आराम का आसन है। छोटे बच्चे जब सोते हैं, तो वे कितने आराम से सोते हैं। इसलिए इसे बालासन कहा गया है। इस आसन को करने से सारी चिंता दूर हो जाती है। इस आसन की खासियत यह है कि यह रीढ़, कूल्हों और कंधों को भी फैलाता है जिससे कि प्रजनन क्षमता समय के साथ बेहतर ही होती है इसलिए इसे नियमित रूप से करें। खासकर जब तनाव हो रहा हो तब तो इसे जरूर करें।  

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