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Yoga Tips: कमर-गर्दन का दर्द दूर करने के साथ इन समस्याओं में भी कारगर है भुजंगासन योग, जानिए इसके लाभ

Sun, 22 May 2022 11:23 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नियमित रूप से करें भुजंगासन योग का अभ्यास - फोटो : Pixabay
जीवनशैली की गड़बड़ी और सेंडेंटरी लाइफस्टाइल ने लोगों में कई तरह की समस्याओं को बढ़ा दिया है। कमर, रीढ़ और गर्दन में होने वाली दर्द की समस्या इसमें सबसे आम है। सामान्यतौर पर पहले अंगों के दर्द की समस्या को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली दिक्कतों के तौर पर देखा जाता था, हालांकि अब कम आयु के लोगों में भी इस तरह की दिक्कतें काफी बढ़ती हुए रिपोर्ट की जा रही हैं।

शरीर में होने वाली दर्द की समस्या आपको काफी असहज कर सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इनसे बचे रहने के लिए जीवनशैली की सक्रियता और नियमित योग-व्यायाम की आदत काफी मदद कर सकती है।

नियमित योगासनों का अभ्यास करने वाले लोगों में दर्द की समस्याओं का जोखिम कम होता है, साथ ही यह आदत आपके फिटनेस के लिए भी काफी मददगार हो सकती है। योग विशेषज्ञ इन समस्याओं से बचे रहने के लिए दिनचर्या में भुजंगासन योग को शामिल करने की सलाह देते हैं। भुजंगासन के नियमित अभ्यास की आदत शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को बेहतर बनाए रखने में काफी मददगार हो सकता है।
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कोबरा पोज के लाभ - फोटो : iStock
भुजंगासन योग करने का तरीका

भुजंगासन योग का अभ्यास करना काफी आसान है और लगभग सभी आयुवर्ग के लोगों के लिए इसके लाभ देखे गए हैं। शुरुआत में किसी विशेषज्ञ से इस आसन के बारे में प्रशिक्षण अवश्य ले लें।

भुजंगासन योग को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर लेट जाएं और अपनी हथेलियों को फर्श पर कंधे की चौड़ाई से अलग रखें। अपने निचले शरीर को जमीन पर रखते हुए श्वास लें और अपनी छाती को फर्श से उठाते हुए छत की ओर देखें। सांस छोड़ते हुए अपने शरीर को फर्श पर दोबारा लेकर आएं।
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रीढ़ की समस्याओं में योग के लाभ - फोटो : iStock
कमर और गर्दन के दर्द 

कमर और गर्दन दर्द की समस्या से बचे रहने के लिए भुजंगासन योग के नियमित अभ्यास की आदत विशेष लाभप्रद हो सकती है। यह अभ्यास आपके पेट, छाती और कंधों की बेहतर स्ट्रेचिंग में काफी सहायक है। इस मुद्रा का अभ्यास करने से आपकी रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और साइटिका की समस्या को कम किया जा सकता है। चूंकि अभ्यास के दौरान गर्दन को पीछे की तरफ खींचना होता है, ऐस में इससे गर्दन के दर्द को  भी आसानी से कम किया जा सकता है।
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भुजंगासन के क्या फायदे हैं? - फोटो : Istock
भुजंगासन योग के अन्य फायदों के बारे में जानिए

कमर और गर्दन की समस्याओं को दूर करने के साथ भुजंगासन योग के नियमित अभ्यास की आदत आपकी सेहत को कई अन्य प्रकार के लाभ भी प्रदान कर सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक नियमित रूप से इस योग का अभ्यास करने वाले लोगों में कई तरह की शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम कम होता है।
  • रीढ़ को मजबूत करता है।
  • छाती और फेफड़ों, कंधों और पेट के अंगों की स्ट्रेचिंग में मदद करता है।
  • तनाव और थकान को दूर करने में मदद करता है।
  • अस्थमा के रोगियों की जटिलताएं कम होती हैं। 
  • प्रजनन प्रणाली में सुधार करने वाला योगाभ्यास।
  • अनियमित मासिक धर्म की समस्या भी दूर होती है।
  • ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने वाले योगासनों में से एक।


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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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