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Yoga for Memory: भूलने की बीमारी क्यों होती है? जानिए याददाश्त बढ़ाने के लिए कौन सा योग करें

सार

Causes of Diminishing Memory: योग याददाश्त बढ़ाने में सहायक बन सकता है। आसन, प्राणायाम, ध्यान आदि के माध्यम से मस्तिष्क की क्षमता को तीव्र किया जा सकता है और स्मृति के साथ साथ मस्तिष्क की अन्य अद्भुत क्षमताओं को भी बढ़ाया जा सकता है। हालांकि योग के साथ ही पोषण युक्त खानपान और स्वस्थ रहन सहन भी सहायक है। 
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याददाश्त बढ़ाने के लिए योग - फोटो : AI
Memory Badhane Ke liye Yoga: स्मृति का अर्थ उस मानसिक प्रक्रम से है, जिसमें व्यक्ति ज्ञानेंद्रियों से सूचनाओं का ग्रहण करके अपने मस्तिष्क में संचित करता है और जरूरत पड़ने पर उनको प्रत्यावाहित करता है। आसान शब्दों में समझें तो अनुभव किए हुए विषयों का ठीक-ठाक उसी रूप में स्मरण होना स्मृति है। अच्छी याददाश्त में तीव्रता होती है। व्यक्ति सीखी गई बातों को जल्दी याद कर लेता है। साथ ही लंबे समय तक बातें याद रहती हैं। अधिक मात्रा में बातों को याद रख सकते हैं।

न्यूरोसाइकोलाॅजिस्ट के मुताबिक, जब मस्तिष्क का कोई भाग क्षतिग्रस्त हो जाता है तो भी याददाश्त में कोई विशेष गड़बड़ी नहीं होती है। इससे ये बात भी साफ है कि मस्तिष्क के किसी एक हिस्से में स्मृति की समस्त घटनाएं समाहित नहीं होती हैं। कई लोगों की शिकायत होती है कि उनकी याददाश्य या स्मरण शक्ति कमजोर हो रही है। लेकिन ऐसा होता क्यों है? लोग चीजें या बातें भूल कैसे जाते हैं?

स्मृति क्षमता घटने के कई कारण हो सकते हैं। जैसे, दवाएं, अल्कोहल-ड्रग्स, चिंता व तनाव, अत्यधिक मानसिक कार्य, अवसाद, मस्तिष्कीय चोट, संक्रमण, थाॅयराइड की गड़बड़ी, अनिद्रा, पोषण की कमी, उम्र का प्रभाव, वैचारिक विकृति, डिमेन्शिया और मानसिक विकार।

योग याददाश्त बढ़ाने में सहायक बन सकता है। आसन, प्राणायाम, ध्यान आदि के माध्यम से मस्तिष्क की क्षमता को तीव्र किया जा सकता है और स्मृति के साथ साथ मस्तिष्क की अन्य अद्भुत क्षमताओं को भी बढ़ाया जा सकता है। हालांकि योग के साथ ही पोषण युक्त खानपान और स्वस्थ रहन सहन भी सहायक है।

कौन से योगासन से बढ़ेगी याददाश्त?
  • सिद्धासन
  • स्वस्तिकासन
  • वज्रासन
  • सर्वांगासन
  • भुजंगासन

स्मृति शक्ति को बढ़ाने में बहुत उपयोगी है। सिद्धासन, स्वस्तिकासन और वज्रासन का अभ्यास स्थिरता और सुदृढ़ता प्रदान करता है।
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सर्वांगासन - फोटो : AI
सर्वांगासन से कैसे याददाश्त बढ़ सकती है?

सर्वांगासन के नियमित अभ्यास से हृदय शुद्ध रक्त को मस्तिष्क की ओर भेजता है, जिससे प्रतेक कोशिका को आॅक्सीजन व ब्लड सप्लाई होने से मस्तिष्क को पोषण मिलता है। इससे मस्तिष्क सक्रिय रहता है जिससे मानसिक शक्ति, ग्रहण शक्ति और बौद्धिक शक्ति बढ़ती है। बच्चों में इसका अभ्यास थाॅयराइड व पिट्यूटरी ग्लैण्ड को भी सक्रिय करता है जिसके परिणाम स्वरूप बच्चों की लंबाई भी अच्छी तरह बढ़ती है।


भुजंगासन का असर

भुजंगासन का अभ्यास पीठ दर्द, साइटिका पेन, स्लिप डिस्क, सर्वाइकल और अन्य स्पाइनल से संबंधित समस्याओं को ठीक करने में उपयोगी है। साथ ही अस्थमा, डायबिटीज  व पेट संबंधित बीमारियों को ठीक करने में उपयोगी है। चूंकि स्पाइनल कार्ड से ही मस्तिष्क के विभिन्न भाग जुड़े हुए होते हैं, इसलिए इसके स्वस्थ रहने पर स्वस्थ मस्तिष्क व स्मृति क्षमता का विकास होता है।
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याददाश्त बढ़ाने के लिए योग - फोटो : AI
ओम उच्चारण का मस्तिष्क पर असर

ध्यान, प्राणायाम और ओम का उच्चारण भी मस्तिष्क की क्षमताओं को बढ़ा सकता है। 'Effect Of Omkar Chanting On Concentration, memory and level Of Fatigue विषय पर अध्ययन हुआ। इसमें पाया गया कि 5 मिनट गहरी श्वास प्रश्वास प्रक्रिया और 30 मिनट का ओम उच्चारण तथा 5 मिनट की प्रार्थना से एक महीने में एकाग्रता, मेमोरी स्तर में अधिक वृद्धि हुई और थकान के स्तर में अधिक कमी हुई। 

स्त्रोत या मंत्र उच्चारण  का असर

मंत्र का ध्यान या मंत्र उच्चारण स्मृति क्षमता को बढ़ाता है। आंख द्वारा देख गए, कान द्वारा सुने गए और जीभ द्वारा बोले गए शब्दों का स्मृति पर विशेष प्रभाव पड़ता है। इससे व्यक्ति आसानी से एकाग्र भी होता है और उसका ध्यान इधर उधर भटकता नहीं है। उच्चारण करने से उत्पन्न तरंगें दिमाग पर प्रभाव डालती हैं, जो कि स्मृति क्षमता को बढ़ाने में सहयोग करती हैं।

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भ्रामरी प्राणायाम - फोटो : Amar Ujala
भ्रामरी प्राणायाम के चमत्कारी प्रभाव

वर्ष 2006 में 'भ्रामरी प्राणायाम का स्मृति क्षमता पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन' किया गया। 30 छात्राओं ने 30 दिनों तक प्रतिदिन भ्रामरी प्राणायाम के 10 चक्र किए। प्राणायाम आरंभ कराने के पूर्व तथा 30 दिन के पश्चात स्मृति क्षमता का परीक्षण किया गया। परिणामों में पाया गया कि प्राणायाम करने वाले प्रयोज्यों के स्मृति स्तर में वृद्धि हुई। के.एन. उडुप्पा के अनुसार, शारीरिक और मानसिक समस्या का एकमात्र समाधान प्राणायाम है।
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नाड़ी शोधन प्राणायाम - फोटो : Amar Ujala

याददाश्त बढ़ाने के लिए योगाभ्यास का पैकेजआसान

 
  • सर्वांगासन
  • शशांकासन
  • धनुरासन
  • उष्ट्रासन
  • भुजंगासन
  • मतस्यासन
  • सिद्धासन
  • वज्रासन

प्राणायाम 
  • नाड़ीशोधन
  • भ्रामरी
  • शीतली
  • प्राणाकर्षण 

अन्य अभ्यास
  • शाम्भवी मुद्रा
  • नासग्र मुद्रा
  • खेचरी मुद्रा
  • जालंधर बंध
  • योगनिद्रा
  • गायत्री मंत्र जप

नोट- इस लेख में उल्लेखित अध्ययन और शोध का विस्तार से वर्णन डाॅ. प्रणव पण्डया की किताब योग के वैज्ञानिक प्रयोग में दिया गया है।
 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

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