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Baba Ramdev Yoga: बाबा रामदेव को बहुत प्रिय हैं ये चार योगासन, तीसरा वाला तो है बेहद जटिल

Mon, 22 Dec 2025 08:53 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Benefits and Steps of Mayurasana: योग गुरु बाबा रामदेव कठिन से कठिन से योग कर लेते हैं और उसे सीखाते भी हैं। वैसे तो इन्हें सैकड़ों तरह के योगासन आते हैं, लेकिन कुछ योग बाबा रामदेव अधिकतर जगहों पर करते हुए देखे जाते हैं। आइए इस लेख में ऐसे ही चार योगासनों के बारे में जानते हैं।
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बाबा रामदेव - फोटो : पतंजलि
Baba Ramdev Favorite Yoga: योग गुरु बाबा रामदेव ने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में योग को एक नई पहचान दिलाई है। 70 के करीब पहुंचती उम्र में भी उनकी फुर्ती और ऊर्जा किसी युवा को भी मात दे सकती है। अक्सर लोग जानना चाहते हैं कि बाबा रामदेव की इस 'सुपर-पावर' का राज क्या है। बाबा रामदेव कई योगासनों का अभ्यास करते हैं, लेकिन कुछ आसन उनके व्यक्तिगत रूप से बहुत प्रिय हैं क्योंकि उन्हें अधिकतर जगहों पर ये योग करते देखा जाता है।

इनमें से कुछ आसन तो इतने कठिन हैं कि उन्हें करने के लिए वर्षों के निरंतर अभ्यास और शरीर के लचीलेपन की आवश्यकता होती है। बाबा रामदेव का मानना है कि योग केवल शरीर को लचीला बनाने के लिए नहीं, बल्कि आंतरिक अंगों को पुनर्जीवित करने और मानसिक स्पष्टता प्राप्त करने का माध्यम है। वो ज्यादातर मंचों पर हनुमान दंड, शीर्षासन जैसे योग जरूर करते हैं, जो न केवल शारीरिक शक्ति को बढ़ाते हैं बल्कि आत्म-नियंत्रण और संकल्प शक्ति को भी फौलादी बनाते हैं।
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बाबा रामदेव - फोटो : Amar Ujala Samwad
शीर्षासन
बाबा रामदेव के सबसे पसंदीदा आसनों में शीर्षासन है। वे इसे 'आसनों का राजा' कहते हैं क्योंकि यह रक्त के प्रवाह को सीधे मस्तिष्क की ओर मोड़ देता है। यह आसन एकाग्रता बढ़ाने, बालों को झड़ने से रोकने और चेहरे पर चमक लाने में अत्यंत प्रभावी है। बाबा रामदेव अक्सर देर तक शीर्षासन की मुद्रा में स्थिर रहकर अपनी मानसिक दृढ़ता का परिचय देते हैं।

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बाबा रामदेव - फोटो : Amar Ujala Samwad
हनुमान दंड
शक्ति और पौरुष को बढ़ाने के लिए बाबा रामदेव हनुमान दंड का सुझाव देते हैं। यह साधारण पुश-अप्स से कहीं अधिक प्रभावशाली है क्योंकि इसमें पूरे शरीर की मांसपेशियों का उपयोग होता है। हनुमान दंड का अभ्यास करने से कंधे, छाती और भुजाएं लोहे जैसी मजबूत हो जाती हैं। बाबा रामदेव के अनुसार, यह दंड न केवल शारीरिक बल बढ़ाता है बल्कि व्यक्ति में हनुमान जैसी असीम ऊर्जा का संचार भी करता है।

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योग - फोटो : Adobe Stock
मयूरासन
तीसरा और सबसे कठिन आसन जो बाबा रामदेव को प्रिय है, वह है मयूरासन। इस आसन में शरीर का पूरा भार केवल दोनों हथेलियों पर होता है और पूरा शरीर एक मोर की तरह सीधा हवा में रहता है। यह पाचन तंत्र के लिए रामबाण है। बाबा रामदेव कहते हैं कि मयूरासन करने वाले व्यक्ति का पाचन इतना मजबूत हो जाता है कि उसे पाचन की समस्या बहुत कम होती है।

 
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योग - फोटो : Adobe Stock
कपालभाति और अनुलोम-विलोम का संगम
बाबा रामदेव प्राणायाम को योग का आधार मानते हैं। वे कहते हैं कि बिना कपालभाति और अनुलोम-विलोम के योग अधूरा है। ये आसन फेफड़ों की क्षमता बढ़ाते हैं और शरीर की 72 करोड़, 72 लाख, 10 हजार, 201 नसों को शुद्ध करते हैं। बाबा रामदेव की सलाह है कि अगर आप जटिल आसन नहीं कर सकते, तो केवल इन प्राणायामों के नियमित अभ्यास से ही असाध्य रोगों से मुक्ति पा सकते हैं और 100 साल तक स्वस्थ रह सकते हैं।


नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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