Vipassana Practice Kaise Karen: विपश्यना भारत की प्राचीन ध्यान परंपराओं में से एक है। विपश्यना शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है, वि और पश्सना। इसका अर्थ है, वस्तुओं को उनके वास्तविक स्वरूप में देखना। विपश्यना परंपरा के अनुसार, गौतम बुद्ध ने लगभग 2500 वर्ष पहले इस ध्यान पद्धति को पुनः खोजा और सिखाया। समय के साथ यह परंपरा भारत से म्यांमार (वर्मा), श्रीलंका, थाईलैंड और अन्य देशों तक पहुंची।
विपश्यना में व्यक्ति अपने शरीर और मन में होने वाले अनुभवों को बिना तुरंत प्रतिक्रिया दिए देखने का अभ्यास करता है। एस.एन. गोयनका की परंपरा में इसे आत्म-अवलोकन की प्रक्रिया बताया गया है, जिसमें सांस और शरीर पर ध्यान दिया जाता है।
ध्यान और माइंडफुलनेस पर वैज्ञानिक शोध भी हुआ है। कुछ अध्ययनों में तनाव, चिंता, अवसाद के लक्षण और नींद जैसी समस्याओं में संभावित लाभ देखे गए हैं, हालांकि परिणाम हर व्यक्ति और हर ध्यान पद्धति में समान नहीं होते। आइए जानते हैं विपश्यना ध्यान क्या है, इसे सही तरीके से कैसे किया जाता है, किसे करना चाहिए और अभ्यास के दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।