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40 का पड़ाव पार करते ही लोगों का दिल दे रहा धोखा, रिपोर्ट में खुलासा

Thu, 16 Nov 2017 10:56 AM IST
amarujala.com- Presented by : शिप्रा सक्सेना
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देश में अब 40 का पड़ाव पार करते ही दिल धोखा देने लगा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक वर्ष के दौरान भारत में सबसे ज्यादा मौतें दिल से जुड़ी बीमारियों के कारण हुई हैं। दूसरी ओर ज्यादात्तर राज्यों में नवजात शिशुओं की मौतें लगभग एक जैसी बीमारियों से हुई हैं। इनमें से डायरिया और फेफड़ों का संक्रमण प्रमुख खतरे के रूप में सामने आया है।

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भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीएचएफआई) और इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (आईएचएमई) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सहयोग से तैयार रिपोर्ट को जारी किया। 

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रिपोर्ट के मुताबिक, देश के युवा सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाओं और हिंसात्मक घटनाओं के कारण मारे जा रहे हैं। तमिलनाडु, तेलंगना, उत्तर प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में युवाओं की सबसे ज्यादा मौतें आत्महत्या और हिंसा में हुई हैं। बता दें कि सभी राज्यों में वर्ष 1990 से 2016 तक बीमारियों के बोझ जैसी समस्या पर जारी यह देश की पहली रिपोर्ट है।

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28 फीसदी मौतें दिल से जुड़ी बीमारियों के कारण
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2016 में देश में सबसे ज्यादा मौतें दिल से जुड़ी बीमारियों की वजह से हुई हैं। बीते एक साल में 40 साल से ज्यादा आयु वर्ग के लोगों की मौतों का कारण 28.1 फीसदी दिल से जुड़ी बीमारियां रही हैं। वहीं, 15.5 फीसदी मौतों की वजह डायरिया, फेफड़ों में संक्रमण सहित दूसरी संक्रामक बीमारियां रही हैं। इसके अलावा 15 से 39 आयु वर्ग में 10.7 फीसदी मौतों की वजह सड़क दुर्घटना, हिंसा और आत्महत्या पाया गया।

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आत्महत्या से ज्यादा हिंसा और दुर्घटनाएं भारी
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आत्महत्या से ज्यादा हिंसा और सड़क दुर्घटनाएं युवाओं पर भारी पड़ी हैं। असम, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, उड़ीसा, सिक्किम, तेलंगना, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा युवाओं की मौतें हिंसात्मक घटनाओं में हुई हैं। जम्मू और कश्मीर में सर्वाधिक 20 फीसदी युवाओं (15 से 39 आयुवर्ग के) की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई है।
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