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लिवर से जुड़ी समस्याओं को दूर करते हैं ये 3 योगासन, नियमित करें अभ्यास

Sat, 11 Jan 2020 07:49 AM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
मानव शरीर में लिवर एक महत्वपूर्ण अंग है। यह हमारे खाए हुए खाने को पचाकर रस बनाता है। इसके अलावा लिवर आंतों के कीटाणुओं को भी मारता है। ऐसा मन जाता है कि अधिक शराब और धूम्रपान से लीवर खराब होता है। हालांकि अधिक मात्रा में नमक या खट्टी चीजों का सेवन भी लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है। लीवर को स्वस्थ रखने के लिए कुछ योगासन का नियमित अभ्यास करना चाहिए। ये योगासन लीवर को मजबूत बनाते हैं।आइए जानते हैं इन योगासनों के बारे में विस्तार से...
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
नौकासन
नौकासन एक ऐसा आसन है जिसमें शरीर नौका के आकार का हो जाता है। इस आसन के अभयस के लिए शवासन की मुद्रा में लेट जाएं और धीरे-धीरे एड़ी और पंजे को मिलाते हुए अपने दोनों हाथों को कमर से सटा लें। हथेली और गर्दन को जमीन पर सीधा रखें। अब अपने दोनों पैरों के साथ-साथ गर्दन और हाथों को ऊपर उठाएं। इस प्रक्रिया में अपने शरीर का पूरा वजन अपने हिप्स पर डाल दें। करीब 30 सेकेंड तक इसी अवस्था में रहने के बाद धीरे-धारे शवासन की अवस्था में वापस आ जाएं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
कपालभाति प्रणायाम
कपालभाति करने वाले लोग पेट और लिवर की समस्याओं से दूर रहते हैं। इसे करने के लिए पहले वज्रासन, सिद्धासन या पद्मासन में बैठ जाएं। इसके बाद गहरी सांस लें और सांसों को पांच से दस सेकेंड तक अंदर रखें. फिर धीरे-धीरे सांसों को नाक से छोड़ें। इस प्रणायाम को रोजाना दस से पंद्रह मिनट करने से लीवर की समस्या खत्म हो जाती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
गोमुख आसन
इस आसन के लिए पहले पालथी मारकर बैठ जाएं। फिर दाहिने पैर को दाहिने तरफ मोड़कर तलवों को बांए हिप्स की तरफ ले जाएं। अब इसी तरह बाएं पैर को बांई तरफ मोड़कर तलवों को दाहिने हिप्स की तरफ ले जाएं। अब हथेलियों को पैरों पर रखकर हिप्स पर हल्का दबाव डालें और शरीर के ऊपरी हिस्से को सीधा रखें। फिर बांई कोहनी को मोड़कर हाथों को पीछे ले जाएं और सांस को खींचते हुए दाएं हाथ को ऊपर उठाएं। अब दाहिना कोहनी को मोड़कर दाएं हाथ के पीछे ले जाएं और उंगलियों को आपस में जोड़ें। इस स्थिति में कम से कम दो मिनिट के लिए रुकें और फिर हाथ व पैर की स्थिति बदलकर दूसरी तरफ भी इस आसन को इसी तरह करें। दोनों तरफ से 4 - 4 बार इसे करें।
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