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World Sparrow Day: इस तरह कर सकते हैं गौरेया का बचाव

Wed, 20 Mar 2019 02:39 PM IST
प्रशांत राय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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पूरे विश्व में गौरेया दिवस 20 मार्च को मनाया जाता है। गौरेया की संख्या दिन-प्रतिदिन विलुप्त होती जा रही है। कभी आंगन में चहकने वाली गौरेया आजकल पेड़ों पर भी नहीं मिलती। गौरेयों की घटती संख्या को ध्यान में रखते हुए तरह-तरह के मिशन चलाए जा रहे हैं। ताकि उन्हें विलुप्त होने से बचाया जा सके। आइए जानते हैं आखिर क्यों गौरेयों की संख्या दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है। 
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पेड़ों की कमी  
उनके प्राकृतिक आवास, भोजन / पानी की कमी, प्रदूषण (सभी रूपों में), कृषि पद्धतियों में बदलाव, और मोबाइल, इंटरनेट और टीवी सिग्नल से निकलने वाले रेडिएशन कुछ सामान्य कारण हैं जो शहरी भारत से इन छोटे पक्षियों को गायब कर दिया है । 
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कंक्रीट के जंगलों के बीच और अब-तक-आम हाउस स्पैरो को बचाने और उनकी घटती आबादी को नियंत्रित करने के लिए आप हम कई तरीके अपना सकते हैं। जैसे कि गौरेया के लिए पानी की व्यवस्था और खाने का बंदोबस्त करें। ताकि वो अपना पेट भर सकें और प्यास बुझा सकें। 

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आप अपनी सड़क पर बहुत सारे गड्ढों का पता लगा सकते हैं लेकिन आपके इलाके में कोई साफ पानी नहीं है, ताजे पानी की एक रैक को अपने छत पर रखें ताकि तापमान बढ़ने पर गौरेया नहा सकें और उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। इसके अलावा आप अपने क्षेत्र में वाहनों के उपयोग को कम करने के अलावा प्रदूषण को कम करने के लिए अपने वाहन में बेहतर गुणवत्ता वाले ईंधन का उपयोग करें। 
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- फोटो : अमर उजाला
गौरेयों की संख्या को बढ़ाने में हम सभी को एक साथ आगे आना होगा। इसके लिए अपने आसपास के क्षेत्र में खूब अधिक पौधारोपण करें और अपने इलाके को ग्रीन हैबिटेट की तरफ अग्रसर करें। 
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