तनाव से भी डकार आती है। अधिक चिंता करने से लोग डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। इससे भोजन पचाने में मुश्किल होती है और डकार आने लगती है। एक अध्ययन में लगभग तीन में से दो महिलाएं आईबीएस से ग्रस्त पाई गई हैं। अधिक मुंह खोलकर खाने से भोजन के साथ पेट में हवा भी चली जाती है। पेट में ज्यादा हवा जाने से भी डकार आता है।
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खाना खाते ही अधिकतर लोग डकार लेते हैं। खाने के बाद डकार आना एक आम बात है। कई जगहों पर तो खाने के बाद डकार लेने को भोजन की तारीफ करने से जोड़कर देखा जाता है। डकार आने से खाया हुआ भोजन जल्दी पच जाता है, जिससे पेट में कोई तकलीफ नहीं होती। डकार को पेट भरने का संकेत भी माना जाता है, लेकिन जब डकार सामान्य स्थिति में भी बार-बार आए, खाते ही बहुत ज्यादा आए, तो यह चिंता का विषय है। इसे सिर्फ पेट भरने का संकेत नहीं मान सकते। यह पेट से अत्यधिक गैस निकालने के तरीकों में भी शामिल है। दरअसल, खाने के साथ हवा भी पेट में चली जाती है, जो डकार के रूप में शरीर से बाहर निकलती है।
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पेट में अल्सर तो नहीं
कुछ लोगों को बार-बार डकार पेट में अल्सर होने के कारण भी आती है। ऐसी स्थिति में आपको सीने में जलन महसूस हो सकती है। बहुत अधिक भोजन करने, मसालेदार भोजन करने और मोटापा पेट में अल्सर की समस्या को बढ़ाता है। इसके साथ ही पेट में एसिड बनने से भी कई बार हद से ज्यादा डकार आ सकती है।
कैंसर का संकेत
क्या आपके कुछ भी खाते ही डकार आने लगती है? तो इस समस्या को आपको गंभीरता से लेने की जरूरत है। भोजन नली (ईसोफेगस) में क्रोनिक एसिड एक्सपोजर प्री-कैंसरस बदलाव के लक्षण का संकेत हो सकता है। बेहतर यही है कि आप डकार आने की समस्या का इलाज जल्द से जल्द करवाएं।
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इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम
यह आंतों से संबंधित एक समस्या है, जिसमें बड़ी आंत प्रभावित होती है। इसमें कई बार आंतों को क्षति भी पहुंचती है। इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम होने पर भी हद से ज्यादा डकार आ सकती है। यदि आपको लगातार पेट में दर्द, दस्त, कब्ज, गैस की समस्या बनी रहती है, तो यह इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम के कारण भी हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से संपर्क तुरंत करना चाहिए।
जीवनशैली भी एक वजह
कई बार बेतरतीब जीवनशैली और खानपान के कारण भी अधिक डकार आती है। खास तरह के खाद्य पदार्थ जैसे पत्तागोभी, फूलगोभी, कार्बोनेटेड पेय पदार्थ, ब्रोकोली, बीन्स आदि भी डकार आने का कारण होते हैं। जब भी आप इस तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन करें, तो ध्यान रखें कि क्या इन्हें ही खाने के बाद आपको डकार आ रही है या कोई और वजह है। फूलगोभी, पत्तागोभी, बीन्स, ब्रोकोली आदि को खाने से पेट में गैस बनती है, जो डकार आने का कारण हो सकता है। इन चीजों को रात में न खाएं। लगातार डकार कई बार गैस्ट्रोइन्टेस्टिनल ट्रैक में होने वाली बीमारियों के कारण भी आती है।
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कहीं अपच तो नहीं
बार-बार डकार आने का एक कारण अपच भी हो सकता है। आपने जो भी खाया है, यदि वह पच नहीं पा रहा है, तो यह समस्या होना आम बात है। लंबे समय तक कब्ज की समस्या भी अत्यधिक डकार आने का एक प्रमुख कारण हो सकती है। इस मामले में पहले आपको कब्ज से निपटने की जरूरत होगी।
ऐरोफेजिया
कुछ लोग अधिक मुंह खोलकर खाते हैं। इससे भोजन के साथ-साथ पेट में हवा भी चली जाती है। पेट में ज्यादा हवा जाने की वजह से डकार की समस्या बढ़ जाती है। इससे ऐरोफेजिया की स्थिति पैदा हो जाती है। इसमें पेट फूलना और एसिडिटी जैसी परेशानी हो जाती है। ऐसे में जब भी खाएं, हमेशा छोटे निवाले ही खाएं। कोशिश करें कि खाना चबाते समय मुंह बंद हो।
छोटी आंत में बैक्टीरिया का बढ़ना
छोटी आंत में बैक्टीरिया के बढ़ने से भी लगातार डकार आने की समस्या शुरू हो जाती है। बैक्टीरिया होने से ड्यूडेनम (छोटी आंत का हिस्सा) भी प्रभावित होता है, जिससे लगातार डकार आने की समस्या शुरू हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर से अपने पेट की जांच समय-समय पर करवाते रहें।
विशेषज्ञ कहते हैं
खाने के बाद अक्सर लोगों को डकार आती है। यह एक सामान्य बात है। हां, हद से ज्यादा डकार आने लगे, तो सावधान होना जरूरी है। दरअसल, अधिक मुंह खोलकर खाने से भोजन के साथ-साथ पेट में हवा भी चली जाती है। इससे डकार आने लगती है। ऐसे में जब भी खाएं, छोटे-छोटे निवाले खाएं। खाना आराम से खाएं। खूब चबा कर खाएं। पथरी और एसिडिटी होने से भी डकार आने की समस्या बढ़ जाती है। बेहतर है कि आप डॉक्टर से संपर्क करके इस समस्या को जड़ से दूर करने की कोशिश करें।